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15 लाख लोगों को रोजगार दिलाने के लिए बनाई जाए कार्य योजना : योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन हटने के बाद रोजगार के अवसर पैदा करने व अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि 15 लाख लोगों को रोजगार दिलाने के लिए 3 से 6 महीने में ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। इसके लिए विभाग अपनी अपनी योजना एक हफ्ते में पेश करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एमएसएमई, ओडीओपी, एनआरएलएम, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना, कौशल विकास मिशन, खादी ग्रामोद्योग तथा मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना चुनौती है। इसके लिए अभी से तैयारी की जाए।

मुख्यमंत्री गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर रोजगार सृजन संबंधी प्रस्तुतिकरण के अवसर पर अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षुता (अप्रेन्टिसशिप) प्रोत्साहन योजना के तहत युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ-साथ 2500 रुपये का मासिक प्रशिक्षण भत्ता प्रदान किए जाने की व्यवस्था की गई है। एक वर्ष में एक लाख युवाओं को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत 2 लाख युवाओं को जोड़े जाने की कार्य योजना बनाए जाने की सम्भावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने युवाओं को ‘युवा हब’ के माध्यम से भी ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए स्कूल यूनिफार्म और स्वेटर निर्मित किए जाने के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान कराया जाए। सिलाई और स्वेटर मशीनों की उपलब्ध करा कर महिला स्वयंसेवी समूहों को रोजगार प्रदान किया जाए। ग्राम स्तर पर कामन सर्विस सेंटर को सुदृढ़ बनाते हुए इस प्लेटफार्म के माध्यम से भी रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सीएम योगी ने कहा कि मोबाइल रिपेयरिंग के सम्बन्ध में भी प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार सृजित किया जा सकता है। उन्होंने पालीटेक्निक, साइंस लैब्स, आईटीआई आदि के सहयोग से प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही। उन्होंने लॉकडाउन के बाद युवाओं को लोन मेला और रोजगार मेला लगाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकों से समन्वय बनाकर ग्राहक सेवा केन्द्रों के सम्बन्ध में भी योजना बनाए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर ग्राम्य विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह (मोती सिंह), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, पंचायती राज मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल व संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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