Breaking News

जिलाधिकारी ने सर्वजन दवा सेवन कर किया एमडीए कार्यक्रम की शुरुआत

बेतिया,
जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय ने जिला समाहरणालय परिसर में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम पर जिलास्तरीय पदाधिकारीयों के साथ बैठक की। इस दौरान डीएम व उपस्थित अधिकारियों ने फाइलेरिया रोधी सर्वजन दवा का सेवन करते हुए जिलेवासियों से भी सर्वजन दवा सेवन की अपील की। मौके पर उपस्थित सिविल सर्जन डॉ श्रीकांत दुबे ने बताया कि फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए सर्वजन दवा का सेवन करना जरूरी है, उन्होंने बताया कि दवा सेवन से हल्का-फुल्का इफेक्ट हो सकता है परंतु इससे डरने की आवश्यकता नहीं है, उन्होंने बताया कि 17 दिनों तक चलने वाले सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम के दौरान सभी स्वस्थ व्यक्ति जो 2 वर्ष से ऊपर के हैं उन्हें फाइलेरिया( हाथी पाँव ) से सुरक्षित रहने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही डीइसी एवं एल्बेंडाजोल की दवा का सेवन करना चाहिए।

घर घर जाकर दवा खिलाएं आशा कार्यकर्त्ता :

जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय ने कहा कि अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए घर घर जाकर आशा अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली अपने सामने खिलाएं, इसमें किसी प्रकार की कोताही न करें, वहीं कहा की किसी भी प्रकार के अफवाहों से बचें। उन्होंने बताया कि इस रोग से बचाव हेतु जिलेभर में आज से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए राउंड) की शुरुआत की की गईं है, उन्होंने बताया कि पहले तीन दिन स्कूलों में बूथ लगाकर दवा खिलाई जाएगी, उसके बाद 14 दिन घर-घर जाकर आशा व स्वास्थ्य कर्मी अपने सामने दवा का सेवन कराएंगे। दवा सेवन करने के लिए प्रचार प्रसार कर जन समुदाय को जागरूक करें ।

खाली पेट नहीं करना है सर्वजन दवा का सेवन :

डीभीडीसीओ डॉ हरेंद्र कुमार ने बताया कि खाली पेट सर्वजन दवा का सेवन नहीं करना है, साथ ही गर्भवती स्त्री व गंभीर बीमार को भी दवा का सेवन नहीं करना है। उन्होंने डोज बताते हुए कहा की 02 से 5 वर्ष के बच्चों को 1 टैबलेट अल्बेंडाजोल और 1 टैबलेट डीईसी, 6 से 14 वर्ष के बच्चों को 1 टैबलेट अल्बेंडाजोल और 2 टैबलेट्स डीईसी और 15 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को 1 टैबलेट अल्बेंडाजोल और 3 टैबलेट्स डीईसी की दवा खिलाई जाएगी। साथ ही यह दवा दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को नहीं खानी है। उन्होंने बताया कि दवा सेवन के उपरांत कुछ लोगों में उल्टी, सर दर्द, जी मिचलाना जैसी शिकायतें हो सकती हैं जो स्वतः समाप्त हो जाती हैं। दवा सेवन के बाद किसी भी प्रकार के साइड इफ़ेक्ट होने पर लोगों की सुरक्षा हेतु जिला एवं प्रखंड स्तर पर रैपिड रेस्पोंस टीम का गठन भी किया गया है।

मौके पर डीडीसी, सीएस, डीपीएम, सुचना एवं जन सम्पर्क पदाधिकारी, डीभीडीसीओ, डीसीएम, पीसीआई, पिरामल के जिला प्रतिनिधि व अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.