प्रेमानंद महाराज के बारे में आप सालों से सुन रहे होंगे कि उनकी दोनों किडनी फेल हैं. लेकिन जरा सोचिए अगर किसी की दोनों किडनी खराब हो जाएं, तो वह कब तक जीवित रह सकता है? 1 साल, 2 साल या फिर इससे थोड़ा समय और अधिक.
प्रेमानंद महाराज की किडनी फेल हुए लगभग 17 साल गुजर गए हैं. फिर भी महाराज स्वस्थ्य जीवन जी रहे हैं. आज भी महाराज सुबह 2 बजे वृंदावन की परिक्रमा लगाते हैं.
प्रेमानंद महाराज जी के सत्संग में कई बार उनके चाहने वालों ने उन्हें अपनी किडनी देने की इच्छा जताई, लेकिन महाराज जी हमेशा यह कहकर मना कर देते हैं कि किसी का जीवन लेकर में खुश नहीं रह सकता. राधा रानी ने जितना मुझे जीवन दिया है, उतना ही जिऊंगा, उससे ज्यादा नहीं.
महाराज जी के सत्संग में उनके जो भक्त आते हैं, वह कई बार यह सवाल करते हैं कि कई लोगों को बोलते हुए सुना है कि ‘देखने में बाबा खूब चकाचक लगे हैं’ पागल बनाते हैं. यह सुन महाराज जी ज़ोर से हसते हैं और बोलते हैं कि आपने कइयों को बोलते हुए सुना होगा, मुझे तो खुद लोगों ने बोला है कि बाबा सच में किडनी खराब हैं. सच में डायलिसिस होता है. इस पर महाराज जी बोले कि इतनी बड़ी बात को मैं झूठ बोलूंगा क्या?
महाराज जी बातों-बातों में भक्तों को अपने वस्त्र ऊपर करके दिखाते हुए बोलते हैं कि देखिए सबसे पहले पेट का ऑपरेशन किया गया. लेकिन वह फेल हो गया. उसके बाद छाती में ऑपरेशन किया गया और एक नली डाली गई. उसी नली के माध्यम से अब डायलिसिस किया जाता है.




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