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फाइलेरिया से ग्रसित मरीजों को मिला एमएमडीपी किट का सहारा

मोतिहारी
हरसिद्धि प्रखंड के चन्द्रहिया पंचायत के सेवराहा गाँव के सरकारी विद्यालय में मेडिकल कैंप लगाकर फाइलेरिया (हाथीपाँव) के 13 मरीजों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से किया गया। गुरुवार को आयोजित मेडिकल कैंप में बाएं पैर में फाइलेरिया हाथीपांव से पीड़ित मरीज कालिमा खातून, उम्र 60 वर्ष, सेवराहा वार्ड न.- 06, शहनाज खातून, कुमारी देवी, प्रहलाद सिंह, ज्ञानती देवी, ओमप्रकाश सिंह, चुम्मन तिवारी, असगर अली व अन्य लोगों को एमएमडीपी किट में टब, मग, तौलिया, साबुन, क्रीम, व आवश्यक दवाएं भी प्रदान की गई। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा किट के उपयोग करने का तरीका बताया गया। मौके पर फाइलेरिया मरीज कालिमा खातून व शहनाज खातून ने बताया कि उन्हें लगभग 20 वर्षो से बाए पैर में फाइलेरिया है। जिसके कारण कहीं भी आने जाने व आवश्यक कार्य करने में काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मौसम बदलने पर कष्ट -पीड़ा और बढ़ जाता है। अब लगता है कि ये फाइलेरिया किट व दवाओं के उपयोग से दर्द, घाव में काफ़ी राहत मिलेगी।

फाइलेरिया से बचने के लिए सर्वजन दवा का जरूर करें सेवन-

मौके पर मौजूद पिपरा विधायक श्यामबाबू यादव ने लोगों को बताया कि हाथी पाँव क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इस बीमारी से संक्रमित होने के बाद लोगों में कई वर्ष के बाद हाथीपांव, बढ़े हुए हाइड्रोसील व अन्य प्रभावित स्थान पर सूजन काफ़ी हो जाती है। जिससे शरीर अपंग की तरह हो जाता है। इससे बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। मच्छड़ के काटने से बचना चाहिए। अखबारों के माध्यम से जानकारी हो रही है कि जिले में नाइट ब्लड सर्वे कर फाइलेरिया ग्रसित मरीजों की खोज होने वाली है। उसमें लोगों को जाँच करानी चाहिए। सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के दौरान ज़ब आशा दवा दे तो जरूर खानी चाहिए। डीभीडीसीओ डॉ शरतचंद्र शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा एमएमडीपी क्लीनिक पर फाइलेरिया मरीजों की जाँच की जाती है। साथ ही मरीजों को समय-समय पर एमएमडीपी किट मुफ्त में उपलब्ध करायी जाती है। वहीं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा इसके उपयोग के तौर -तरीके भी सिखाए जाते हैं।

मरीजों को बताए गए साफ सफाई के उपाए-

पिरामल के बीसी सुमित कुमार ने मेडिकल कैंप में फाइलेरिया से ग्रसित मरीजों को साफ- सफाई के उपाए बताते हुए कहा कि हाथीपाँव को इस किट व दवाओं के माध्यम से दिन में दो बार साफ करें। सबसे पहले पैर को टब में रखें और एक बाल्टी पानी में एक ढक्कन दवा घोलकर उससे पाव धोए। उसके बाद साबुन का झाग हाथ में लगा कर पैर साफ करना है। बाद में फिर पानी से धोकर तौलिया को छाप कर पानी सोखकर उस पानी को एकांत जगह पर फेंके।

साल में एक बार जरूर करें दवा का सेवन-

पिरामल के जिला प्रतिनिधि मुकेश कुमार ने कहा कि एमडीए अभियान के दौरान जब आशा या अन्य स्वास्थ्यकर्मी फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने घर पहुंचे तो उसका सेवन जरूर करें। इस बात का ध्यान रखें कि दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है। गर्भवती या गंभीर रोगों से ग्रसित व्यक्ति एवं 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दवा नहीं खिलानी है। उन्होंने बताया कि लाइलाज बीमारी फाइलेरिया से बचाव के लिए पांच साल तक लगातार साल में एक बार दवा का सेवन जरूर करें।

मौके पर पिपरा विधायक श्यामबाबू यादव, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीसीएम, बीएचएम, आशा, भीबीडीएस व अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।

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