इंदौर: मंजिलें उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं हौसले से उड़ान होती है. ऐसा ही कुछ इंदौर की एक बेटी ने साबित कर दिखाया है, जो एक नहीं दो नहीं तीन बार की एमपी पीएससी टॉपर है. सिम्मी यादव इंदौर के नरीमन सिटी की रहने वाली है. सिम्मी यादव ने न्यूज़ 18 से खास बातचीत में कहा शादीशुदा महिलाओं के लिए बड़ी चुनौती होती है और उन चुनौतियों के बीच ही में एक नहीं दो नहीं तीन बार की पीएससी की टॉपर हूं.
2019 एमपी पीएससी का रिजल्ट आ चुका है और इसमें इंदौर की सिम्मी यादव ने 14वीं रैंक हासिल की है. वह अब तक दो बार डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हो चुकी है. 2021 पीएससी का प्री भी क्लियर कर चुकी है. सिम्मी ने कहा कि जो सपने मैंने देखे उसे पूरा करने के लिए मैनें हर दिन लगभग 14 घंटे से ज्यादा कड़ी मेहनत की है. वह साधारण परिवार से आती है. मां और पिता दोनों सरकारी नौकरी करते है.
सफलता का श्रेय उन्होंने अपनी मां को दिया. उन्होंने कहा मैनें मां को मेहनत करते देखा है, वह छोटे पद पर नौकरी कर रही थी और इस दौरान उन्होंने राजस्व विभाग का एग्जाम क्लियर किया. सिम्मी ने बताया कि सफलता का मंत्र मैनें मां से सीखा कि कैसे चुनौतियों के बीच सफलता मिलती है. सिम्मी की साल 2016 में शादी हुई थी. पति पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं.
सिम्मी ने आगे बताया पिता ने पीएससी का फॉर्म लाकर दिया था, उस वक्त में एमएससी में थी लेकिन जिस दिन फॉर्म भरा उसी दिन से सोच लिया था डिप्टी कलेक्टर बनकर रहूंगी. उसके बाद एक नहीं दो बार डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुई हूं. जो अभियार्थी पीएसी की तैयारी कर रहे हैं, उन अभ्यर्थियों से कहना चाहूंगी कि हताश नह हो, तैयारी करते रहो, सफलता जरूर मिलेगी. फिलहाल एमपीपीएससी अभ्यर्थियों के लिए सिम्मी यादव एक किताब लिख रही है, जो जल्द बाजार में उपलब्ध होगी.




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