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प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों की होगी माइन 2.1 पोर्टेबल एक्स रे मशीन से जाँच

मोतिहारी – प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान के तहत राज्य के टीबी मरीजों की खोज में प्रगति लाने के लिए माइन 2.1 पोर्टेबल एक्स रे मशीन से शरीर में छिपे हुए टीबी का पता आसानी से लगाया जाएगा। माइन 2.1 पोर्टेबल एक्स रे मशीन की खासियत है कि इससे स्क्रीनिंग करने के लिए मरीजों को अस्पताल के चक्कर नहीं काटने होंगे। यह कहीं भी उठाकर आसानी से लेकर जा सकते हैं। इसका रेडिएशन का स्तर पुराने मशीन की अपेक्षा काफ़ी कम है। 2 माइन 2.1 पोर्टेबल एक्स रे मशीन पूर्वी चम्पारण जिले को प्राप्त हुए हैं। जिसको लेकर एक्स रे टेक्निशियन को दिल्ली से आए हुए लैब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी एवं क्लिंटन फाउंडेशन के द्वारा प्रशिक्षण कराया जा रहा है। क्लिंटन फाउंडेशन के प्रशिक्षक ने बताया कि यह माइन 2.1पोर्टेबल एक्स रे मशीन लैब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा भारत सरकार को अभी तक मात्र 50 उपलब्ध कराया गया है। वहीं वर्ल्ड विजन संस्था के जिला प्रतिनिधि रामजनम सिंह ने बताया कि मशीन के साथ ही इसका रिपोर्ट भी आसानी से मोबाइल पर उपलब्ध हो जाता है। इसको लेकर भी लैपटॉप में सॉफ्टवेयर इंस्टलेशन किया जा रहा है। साथ ही इसका ट्रायल होने के बाद नए साल में यह आम जनता के बीच आकर टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग करेगी और यह स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिल का पत्थर साबित होगा।

मेडिकल कैंप लगवाकर होगी मरीजों की जाँच-

जिले के यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ संजीव ने बताया कि 2 माइन 2.1पोर्टेबल एक्स रे मशीन पूर्वी चंपारण को मिला है। उन्होंने बताया कि यह राज्य का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पोर्टेबल एक्स-रे मशीन है। जो C19 प्रोजेक्ट के तहत भारत सरकार के द्वारा मुहैया कराई गई है। इससे जिले के ग्रामीण कस्बे के लोगों को जो किसी कारणवश ज्यादा दूर अस्पताल जाकर इलाज नहीं करा सकते उनलोगों को घर के आसपास, सामुदायिक क्षेत्र में ही मेडिकल कैंप लगाकर आशा, स्वास्थ्य कर्मियों व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से निः शुल्क टीबी की जाँच कराई जाएगी।उन्होंने बताया कि इस मशीन का लाभ जिले के लोगों को होगा। प्रशिक्षण के मौके पर राज्य एवं केन्द्र से आए पदाधिकारियों में डॉ परिनीति दास, शाश्वत श्रीवास्तव, अमरजीत प्रभाकर, रितेश मिश्रा, मोहन कुमार सिंह, सुशांत झा मौजूद थे।

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