पटना. हमारे अगल-बगल में ऐसे बहुत से लोग हैं जो असफलताओं का दोष किस्मत पर मढ़ते रहते हैं. उन्हें 51 साल के पवन जैसे दिलदार और लगनशील लोगों से सीख लेने की जरूरत है. आज पवन के हाथों से बना फास्ट फूड पूरे पटना में प्रसिद्ध है. जबकि, किसी जमाने में वह खुद एक होटल में काम करते थे. तो आइए इस खबर में हम पवन की 37 साल पुरानी वह कहानी जानते हैं, जिसने पवन को आज पवन पास्ता वाले के नाम से प्रसिद्ध कर दिया है.
पवन ने बताया कि 1986 में उन्होंने अरोरा हाउस की मालकिन द्वारा पीएमसीएच के सामने खोले गए शुभराज होटल से अपने काम की शुरुआत की थी. इसके बाद साल 2004-05 में वे बंगलुरु चले गए और वहां भी बावर्ची का काम किया. हालांकि, जल्द ही वे वहां से लौटकर फिर पटना आ गए. मिरचाई गली के रहने वाले पवन ने अपने जीवन में बहुत से उतार-चढाव भी देखे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. पवन आगे कहते हैं कि बंगलुरु से लौटने के बाद उन्होंने फास्टफुड का अपना एक ठेला लगाया. पहले भी लोग उनके हाथों का फास्टफूड चख चुके थे. इसलिए जब सबको पता चला तो पुराने और स्वाद के शौकीन लोग भी उनके यहां पहुंचने लगे. धीरे-धीरे बिक्री बढ़ी तो उन्होंने अपना ठेला पटना सिटी चौक पर लगा लिया. अब इनकी दुकान पर तीन-चार स्टाफ भी काम करते हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने फास्टफूड की सामग्री तैयार करने के लिए भाड़े पर जगह भी ले ली है. आलम यह है कि रोज 10,000 से ज्यादा की बिक्री हो जाती है.
बच्चों को खूब पसंद है पवन पास्ता
दुकान पर फास्ट फूड खाने वाले लोगों की माने तो पवन के बनाए हुए फास्ट फूड बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी विशेष रूप से पसंद आते हैं. कम स्पाइसी होने के कारण बच्चे अपने पेरेंट्स से इसी जगह फास्ट फूड खिलाने की मांग करते हैं. बताते चलें कि पवन फास्ट फूड में आपको मंचूरियन, पास्ता, चाउमीन, पनीर चिल्ली, राइस, बेबी कार्न जैसे तमाम तरह के डिश के ऑप्शन बड़े ही सस्ते में मिल जाती हैं.




Leave a Reply