पटना की खाजपुरा की रहनेवाली महिला जिसकी कोरोना जांच रिपोर्ट को पटना एम्स ने पॉजिटिव बताया था, उस रिपोर्ट को क्रॉस चेक करने के बाद पटना के आरएमआरआइ और एनएमसीएच ने जो सैंपल्पस लिए थे, उनकी जांच रिपोर्ट आज निगेटिव पायी गई है।
बता दें कि पहले आरएमआरआइ के सिविल सर्जन की टीम ने महिला की कोरोना जांच का नमूना लिया बाद में एनएमसीएच की टीम ने भी कोरोना जांच का नमूना लिया था। अब दोनों नमूने जांच के बाद निगेटिव पाए गए हैं।
राजधानी पटना के खाजपुरा की रहनेवाली यह महिला 17 अप्रैल को एम्स पटना में भर्ती हुई थी, उसे उसके पड़ोसी ने सर्दी-खांसी और सांस लेने में हो रही परेशानी को देखते हुए भर्ती कराया था। बता दें कि राज्य में अबतक दो लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।
बिहार में अबतक 96 है कोरोना मरीजों की संख्या
बिहार में रविवार को 10 और कोरोना पॉजिटिव केस मिले,जिसके बाद कोरोना मरीजों की संख्या अब 96 हो चुकी है। रविवार को मिले मरीजों में खास बात यह है कि नालंदा जिले के बिहारशरीफ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदास्थापित डॉक्टर समेत चार की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बिहार में किसी डॉक्टर के कोरोना संक्रमित होने का यह पहला मामला है। वैसे, संक्रमित डॉक्टर दुबई से लौटे कोरोना संक्रमित युवक के रिश्तेदार हैं।
उधर, मुंगेर में तीन तथा बक्सर में भी दो नए कोरोना मरीज मिले हैं। रविवार को भोजपुर में भी पहला मरीज मिला।
इसके साथ बिहार में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 96 हो गया है। इनमें दो की मौत हो चुकी है। हालांकि, इलाज से स्वस्थ होने वालों का आंकड़ा भी राहत देने वाला है। अभी के 42 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।
बिहार में कोरोना संक्रमण जांच और तेज करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को 6240 रैपिड टेस्ट किट बिहार को पहली किस्त में भेजा है। इससे जांच में पहले के अपेक्षा और तेजी आएगी। इस किट से 10 मिनट में निगेटिव-पॉजिटिव की जानकारी मिल जाती है। इसके अलावा इस जांच से संदिग्ध मरीज की इम्युनिटी की भी जानकारी मिल जाती है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि बिहार में आज दोपहर 6240 रैपिड टेस्ट किट उपलब्ध कराए गए हैं, क्योंकि यह पहली किश्त के रूप में है। विभाग इसके उपयोग के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार कर रहा है।



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