हाजीपुर-मुजफ्फरपुर बायपास मोड़ पर लगे लालू-राबड़ी मोड़ के बोर्ड पर विवाद छिड़ गया है। एनएचएआई ने इसे अतिक्रमण माना है, तो भाजपा इसकी शिकायत मंत्रालय से करने की बात कह रही है। दरअसल, हाजीपुर-मुजफ्फरपुर बायपास बनने से पहले ही चाैक-चाैराहाें के नामकरण काे लेकर होड़ मच गई है। मुजफ्फरपुर-गोपालगंज फोरलेन के लश्करीपुर माेड़ पर हाजीपुर बायपास का निर्माण जहां पूरा होता है, वहां लालू-राबड़ी मोड़ का बोर्ड लगा दिया गया है। काम से पहले ही नाम काे लेकर मची होड़ के साथ विवाद भी तूल पकड़ने लगा है।
कांटी प्रखंड की लश्करीपुर पंचायत के सरपंच मोहन कुमार राय के सौजन्य से लगाए गए इस बोर्ड पर एनएचएआई ने नाराजगी जताई है। दो पक्के पिलर बनाकर लालू-राबड़ी मोड़ का बोर्ड लगाने को अतिक्रमण माना है। 16 अगस्त को ही एनएचएआई छपरा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनोज कुमार ने मुजफ्फरपुर डीएम से बोर्ड हटाने का अनुरोध किया था। इससे पहले निर्माण एजेंसी पटना हाईवे प्रोजेक्ट लि. ने छपरा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर काे लिखा था कि सरपंच ने बलपूर्वक लालू-राबड़ी के नाम पर बोर्ड लगा दिया है।
नवंबर तक दो लेन व जनवरी तक पूरे बायपास से ट्रैफिक चालू का दावा
एनएचएआई का दावा है कि मधौल से सदातपुर तक 17 किमी में बन रहा बायपास जनवरी तक पूरी तरह चालू हो जाएगा। इससे पहले नवंबर तक दो लेन को चालू कर दिया जाएगा। हाजीपुर बायपास प्रोजेक्ट 63.17 किमी लंबे हाजीपुर-मुजफ्फरपुर फोरलेन प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसमें से 54 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण पूर्ण हो चुका है। लेकिन, सिर्फ बायपास का काम पूरा नहीं होने से यह प्रोजेक्ट अधूरा है। हालांकि, 17 में से 6 किमी बायपास का निर्माण भी 8 वर्ष पहले हो चुका है। पर, फ्लाईओवर, दाे बड़े पुल और एक आरओबी का काम अभी अधूरा है।
फिलहाल मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। -प्रणव कुमार, डीएम, मुजफ्फरपुर
जिला प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस-बल की प्रतिनियुक्ति के बाद ही वहां से अतिक्रमण खाली कराया जा सकता है। -मनोज कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
शिकायत के एक माह बाद भी बोर्ड नहीं हटाया गया है। एनएचएआई के बाद अब मंत्रालय से शिकायत होगी। -रंजन कुमार, जिलाध्यक्ष, भाजपा





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