Breaking News

छपरा में भोलेनाथ का 12 ज्योतिर्लिंग जैसा सजावट:सभी ज्योतिर्लिंगों से मंगाए गए रुद्राक्ष, 1007 साल पुराना मंदिर

छपरा के अतिप्राचीन धर्मनाथ मंदिर में सोमवार की रात 12 ज्योतिर्लिंग का प्रतिरूप सजावट किया गया था। सावन के अंतिम सोमवार को लेकर बनारस और कलकत्ता से मंगाए गए फूलों द्वारा धर्मंनाथ मंदिर को सजाया गया था। इस दौरान सजावट और भोलेनाथ को देखने के लिए देर रात तक लोगों का जमावड़ा लगा रहा।

मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा सभी ज्योतिर्लिंग से अलग-अलग समान और रुद्राक्ष मंगाकर विशेष तरह से अभिमंत्रित करते हुए सजावट किया गया था। बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया मंदिर का गर्भगृह देर रात तक भक्तों के लिए खोला गया था। भीड़ को संभालने के लिए भारी संख्या में पुलिस की प्रतिनियुक्ति की गई थी।

सन 1016 साल से स्थापित है परमार कालीन का मंदिर

धर्मंनाथ मंदिर सरन सहित उत्तर बिहार से सबसे प्रसिद्ध और अति प्राचीन मन्दिर में से एक है। यह मंदिर लिखित रूप में 1007 वर्ष पुराना बताया जाता है। हालांकि इससे पहले इस मंदिर में लोगों के पूजा पाठ करने की बात कही जाती है। सन 1016 में इस मंदिर का जीर्णोद्धार और यज्ञ कराने के कागजात हैं। यह मंदिर परमार कालीन मंदिरों में से है।

इसकी बनावट परमार शासकीय काल के वास्तुशास्त्र से मिलते जुलते हैं। साथ ही यह मंदिर में प्रथम संत और भगवान भोले के उपासक धर्मंनाथ जी महाराज का जिंदा समाधि है। इससे यहां मांगने वाली सभी मन्नत पूरी हो जाती है।

बिहार का एकमात्र शिवलिंग

मंदिर और सजावट के बारे में जानकारी देते हुए मुख्य पुजारी कृष्ण मोहन तिवारी ने बताया कि सोमवार की शाम 12 ज्योतिर्लिंग को आवाहन करते हुए प्रतिस्थापित किया गया है। इस प्रतिस्थापित ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से 12 ज्योतिर्लिंग का फल प्राप्त होता है। साथ ही इस मंदिर का विशेष महत्त्व है।

बिहार का एकमात्र शिवलिंग है, जिसमें भगवान भोले के साथ माता पार्वती विराजमान है। इससे यहां का फल और प्रसाद भक्तों के सेवन के लिए उपयुक्त माना जाता है। आमतौर पर शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद का ग्रहण भक्तों द्वारा नहीं किया जाता है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.