देने वाली खबर है। दरअसल अब प्रदेश के पांच जिले कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। राज्य के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि बरेली और प्रयागराज के सभी कोरोना पॉजिटिव मरीज इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं। अब इन दोनों जिलों में कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं है। वहीं शाहजहांपुर जिला भी कोरोना मुक्त होने की कगार पर है। इससे पहले यूपी के पीलीभीत, हाथरस और महाराजगंज जिले कोविड-19 फ्री हो चुके हैं।
शनिवार को अवनीश अवस्थी ने लखनऊ में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि प्रदेश के कई जिले कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। पूरे प्रदेश के लिए ये खुशखबरी है कि प्रशासन, पुलिस स्वास्थ्य विभाग और सफाई कर्मियों ने मिलकर एकजुट होकर कार्य किया है और कई जिले एक ओर से कोरोना वायरस से मुक्त होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जनता का अपार सहयोग मिल रहा है।

संक्रमण खत्म होने के बाद भी सतर्कता बरती जाए
अवस्थी ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर देश का जो औसत है, उसमें भी बेहतर स्थिति उत्तर प्रदेश की है। जो लोग स्वस्थ होकर निकल रहे हैं उनकी संख्या भी बढ़ रही है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में कोरोना की ग्रोथ रेट भी कम हुई है। अभी भी सतर्कता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। नोडल अफसर समस्याओं का संज्ञान लेते रहें। संक्रमण खत्म होने के बाद भी सतर्कता बरती जाए।
जरूरतमंदों तक पहुंचाई जाए मदद
अवनीश अवस्थी ने बताया कि लोक भवन में टीम 11 के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि छूटे हुए निराश्रित पात्र लोगों का युद्धस्तर पर चिन्हित करते हुए सभी जरूरतमंदों को 01 हजार रुपए के भरण-पोषण भत्ते का लाभ दिया जाए। मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों, चिकित्सालयों, कार्यालयों में काम करने वाले अस्थाई कर्मचारियों, आउटसोर्सिंग कर्मी जो लाॅक डाउन अवधि के कारण कार्य स्थल पर उपस्थित नहीं हो पाए, ऐसे कार्मिकों की अनुपस्थिति अवधि के मानदेय में कोई कटौती न की जाए। निजी क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों एवं अन्य कर्मियों को भी लाॅक डाउन अवधि में मानदेय अवश्य दिया जाए।



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