गया में श्रावण मास में हर- हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं। भक्त अपने इष्ट देव भगवान भोलेनाथ की पूजा के लिए गया के विभिन्न मंदिरों को जा रहे हैं। गया में भगवान भोलेनाथ के कई प्राचीन शिवलिंग है, उन्हीं में से एक फलकेश्वर महादेव भी शामिल है।
ब्राह्मणी घाट में हैं फलकेश्वर महादेव मंदिर
ऐसे में ही एक प्राचीन शिवलिंग ब्राह्मणीघाट में है, जिसकी महिमा अपरंपार है। यहां भक्तों की आस्था है कि उनकी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। गया शहर के ब्राह्मणी घाट मुहल्ले में स्थित फल्गु नदी के पश्चिमी तट पर स्थित फलकेश्वर महादेव शिवलिंग के रूप में अपने भक्तों को साधना का फल देते हैं।
दूर-दूर से दर्शन करने को आते हैं भक्त
ब्राह्मणीघाट स्थित फलकेश्वर महादेव के दर्शन पूजन के लिए भक्त गया से ही नहीं, बल्कि बिहार के कई जिलों और दूसरे राज्यों से भी आते हैं. मान्यता है कि जो भी भक्त यहां अपने जिस भी मनोकामना को लेकर संकल्पित होकर, साधना- उपासना करते हैं, उसका उन्हें तत्काल फल देखने को मिलता है।
अशांति, ग्रह बाधा दूर होती है दूर
घर में अशांति हो, ग्रहबाधा दोष हो, शारीरिक रोग हो, बेटी की शादी तय होने में समस्या हो तो फलकेश्वर महादेव के दर्शन और पूजन करने से मन्नतें पूरी होती है. ऐसा भक्तों की प्रगाढ़ आस्था है. फलकेश्वर महादेव शिवलिंग के रूप में भक्तों को आशीर्वाद दे उनकी समस्याएं, बाधाओं से तत्काल निजात देते हैं।
सावन की हर सोमवारी को मरती है भिंड
श्रावण मास की प्रत्येक सोमवारी को यहां भक्तों की भीड़ आती है. रुद्राभिषेक,जलाभिषेक करते भक्तों को देखा जा सकता है यह शिवलिंग काफी प्राचीन है यह सैकड़ों वर्ष पुरानी बताई जाती है इस तरह ब्राह्मणी घाट स्थित मंदिर में फलकेश्वर महादेव शिवलिंग के रूप में विराजमान है और भक्तों की मन्नत को पूरा करते हैं।




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