पूर्णिया विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद जांच के लिए 5 सदस्यीय CAG टीम पूर्णिया पहुंची। यह टीम एसपी विजलेंश की जांच रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय का ऑडिट करने पहुंची है। टीम यहां दो महीने रूकेगी और विश्वविद्यालय की स्थापना काल से लेकर अब तक के वित्तीय लेन-देन और आय-व्यय का लेखा-जोखा खंगालेगी।
दरअसल, सीएजी की टीम पूर्णिया विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति प्रो. राजेश कुमार सिंह के समय में हुई वित्तीय लेन-देन के मामलों में बरती गई अनियमितता की जांच के लिए यहां आई है।
बता दें कि पूर्व वीसी के कार्यकाल में 12 कॉलेजों से विश्वविद्यालय निर्माण के नाम पर 10-10 लाख रुपए लिये गए थे। कॉलेजों से मिली इस राशि के अलावा राज्य सरकार ने भी नवनिर्मित विश्वविद्यालय को दो करोड़ की राशि दी गई थी। इसके व्यय की संचिका विजलेंश एसपी को जांच के दौरान नहीं मिली थी। जिसके बाद उनकी रिपोर्ट के आधार पर CAG की टीम को ऑडिट के लिए भेजा गया है।




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