सर्पदंश के 24 घंटे बाद अस्पताल पहुंचे परिजन।
बगहा में सर्पदंश के बाद जीवन की आस छोड़ चुके किशोर को चिकित्सकों ने नया जीवनदान दिया है। उसे 9 जुलाई की रात एक सांप ने डस लिया था। इसके बाद परिजनों ने युवक की झाड़-फूंक शुरू करवाई। जब वहां से स्थिति खराब होने लगी तो युवक को एक होम्योपैथिक क्लिनिक में इलाज के लिए लाया गया। यहां भी युवक के हालत में सुधार नहीं आया। इस वजह से युवक अचेत अवस्था में चला गया।
इलाज कर रहे होम्योपैथिक डॉक्टरों ने युवक के परिजनों को कहा कि उसकी मौत हो गई है। आनन-फानन में परिजन उसे सर्पदंश के 24 घंटे बाद लेकर बगहा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों के अथक प्रयास के बाद उसे बचा लिया गया है।


सर्पदंश से पीड़ित युवक की डॉक्टर ने इलाज कर बचाई जान।
क्या है मामला
पंचगावा गांव निवासी ब्रजेश महतो के 14 साल के बेटे सोनू कुमार को 9 जुलाई की रात सांप ने डंस लिया था। परिजन तुरंत उसे रत्नपुरवा मिशन लाए। वहां भी युवक की स्थिति नहीं सुधरी तो होम्योपैथिक डॉक्टर भारती के पास लाया गया। यहां भी युवक की स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
सोमवार की रात सोनू को अनुमंडलीय अस्पताल बगहा लाया गया। यहां चिकित्सकों के अथक प्रयास से युवक को मंगलवार को होश में लाया गया। सोनू के पिता ब्रजेश कुमार ने अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सकों का धन्यवाद देते हुए कहा कि मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा कि मेरा बेटा ठीक हो गया है। हमने तो आस छोड़ दी थी।
अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. केबीएन सिंह ने बताया कि जिस वक्त किशोर को लाया गया, उस समय उसकी स्थिति नाजुक थी। डॉ. एसपी अग्रवाल के साथ मिलकर उन्होंने किशोर को होश में लाने के लिए काफी मेहनत की। अब वह ठीक है, लेकिन इलाज जारी है।
इलाज कर रहे डॉक्टर ने कहा कि बारिश का मौसम है, ऐसे में सांप डसने के बहुत से मामले आते हैं। झाड़-फूंक के चक्कर में फंस गए लोगों की मौत हो जाती है।



Leave a Reply