बिहार विधान परिषद में दूसरे दिन की कार्यवाही भी हंगामेदार रही। नई शिक्षक नियमावली को लेकर विपक्षी दल द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान स्पीकर हंगामे के बीच को सदन को स्थगित कर दिया। बाद में कार्यवाही शुरू होते भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने सदन में सीएम नीतीश और उनका सरकार पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मात्र 9 बार शिक्षक नियुक्ति के मामले में संशोधन करने का काम किया है। सरकार कन्फ्यूज है। सदन जब शुरू हुआ तो सरकार कह रही है कि शिक्षक नियुक्ति नियमावली की समीक्षा करेंगी।
सम्राट ने कहा कि समीक्षा करनी है तो आज करें। सिर्फ बयान देकर सरकार लोगों को कन्फ्यूज कर रही है। शिक्षकों के साथ सरकार अन्याय कर रही है। सरकार शिक्षकों के साथ आपातकाल जैसा व्यवहार कर रही है। जेल में बंद किए जा रहे हैं। शिक्षकों को गिरफ्तार किया जा रहा है। शिक्षकों को आंदोलन नहीं करने दिया जा रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार तो सदन आ ही नहीं रहे हैं। नीतीश कुमार ने जीतन राम मांझी, रामाधार सिंह, आरएन. सिंह, मंजू सिन्हा, कार्तिकेय का इस्तीफा लिया था। अब नीतीश कुमार के मुंह में बोली नहीं है क्या? नीतीश कुमार की बोली डर से नहीं निकल रही है। इस्तीफा कैसे मांगे तेजस्वी से ये उनको समझ में नहीं आ रहा है। नीतीश कुमार राजद से इतने डर गए हैं। कल उन्होंने यह बयान दिया की भाजपा उनकी पार्टी को तोड़ना चाहती है। नीतीश कुमार को तो भाजपा ने पैदा किया है। भाजपा नहीं होती तो जीवन भर मुख्यमंत्री नहीं बनते। वे भाजपा की कृपा से पांच बार मुख्यमंत्री बने। हम नीतीश कुमार की राजनीतिक हालत को जानते हैं। आप खुद रद्दी हो चुके हैं। जब आपको लेने के लिए भाजपा तैयार ही नहीं है तो और किसी को क्या लेगी?
सम्राट चौधरी ने कहा कि आज शिक्षक सड़क पर थे। इसलिए विधान परिषद में इस मामले को उठाया गया। विधान परिषद के सभापति से नोंक-झोंक के मुद्दे पर सम्राट चौधरी ने कहा कि कोई नोंक -झोंक नहीं हुआ है। हम उनके सामने शिक्षकों से जुड़े मुद्दे को रख रहे थे। हमारी मांग है कि सरकार बिना शर्त नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा दें।



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