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Coronavirus: राज्यों को दिए गए कोविड अस्पताल बनाने के निर्देश, सांस की बीमा’री वाले मरीजों की होगी जांच…

कोरोना वायरस देश में अपना व्यापक स्तर दिखा रहा है. संपूर्ण लॉकडाउन के बावजूद हर दिन मामले बढ़ते जा रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा जानकारी के मुताबिक, देश में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 11439 हो गए हैं, इनमें 9756 एक्टिव केस हैं. इस वायरस से अब तक 377 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1306 मरीज ठीक हुए हैं. देश में जान गंवाने वाले 377 लोगों में से सबसे अधिक 178 लोग महाराष्ट्र के हैं. कोरोना से जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 मई तक के लिए लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर दिया है.

मसभी जिलों को कहा है कि वो जिला स्तर पर #COVID19 के लिए एक संकट प्रबंधन प्लान बनाएं.जिलों को कहा है कि एक की असफलता पूरे देश की असफलता का कारण हो सकती है.इसलिए जरूरी है कि ​कंटेनमेंट प्लान पूरे देश में हर जिले में समान रूप से लागू हो: स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल
जिलों को बताया गया है कि वो कोविड डेडिकेटिड अस्पताल, माइल्ड केस के लिए कोविड केयर सेंटर और गंभीर मामलों के लिए कोविड हेल्थ सेंटर, नाजुक मामलों के लिए कोविड अस्पताल बनाएं (जहां वेंटिलेटर भी मौजूद हो): स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल
देश के जिलों को हॉटस्पॉट ​जिले, नॉन-हॉटस्पॉट जिले (जहां मामले सामने आ रहे हैं ) और ग्रीन ज़ोन जिलों(जहां कोई मामला सामने नहीं आया है) में बांटा गया है. हॉटस्पॉट जिले वो हैं जहां ज्यादा मामले आ रहे हैं या मामलों की बढ़ने की गति तेज है: स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल
आईसीएमआर की ओर से बताया गया कि कोविड 19 चमगादड़ से सीधे इंसानों में आया या फिर चमगादड़ से पैंगुलिन के जरिए इंसानों में आया. आईसीएमआर की ओर से जो जांच की गई जो पता चला कि चमगादड़ में जो वायरस पाया गया वह इंसानों में नहीं हो सकता.कोविड 19 वायरस जैसे वाय़रस 1000 साल में एक बार फैलते हैं.