बेऊर सेंट्रल जेल में बंद टाइल्स कारोबारी अभिषेक अग्रवाल एक बार फिर चर्चा में है। वह जेल के अंदर एडीजी और गृह सचिव का धौंस दिखाकर वहां के कर्मचारियों से ठगी कर रहा था। साथ ही जेल में तैनात अधिकारियों पर भी रौब झाड़ रहा था। अपने मोबाइल से जेल डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों से सुविधाओं की मांग कर रहा था।
सूत्रों के मुताबिक पूर्व जेलर रामानुज को उसने ही सस्पेंड कराया है। यह बताकर अधिकारियों को डराने की कोशिश कर रहा था। अभिषेक अग्रवाल जेल में एकछत्र राज कर रहा है। मंगलवार को जेल में हुई छापेमारी से इसका खुलासा हुआ है। अभिषेक अग्रवाल के पास से स्मॉर्ट मोबाइल की बरामदगी हुई है।
कैसे पहुंचा मोबाइल
यह जानकारी मिलते ही जेल के बड़े अफसर भी दंग रह गए हैं। जेल के कर्मचारियों से लेकर सीसीटीवी कैमरा और फिर जेल के कई कैदियों से भी पूछताछ की जा रही है। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक अग्रवाल जेल में अपने मोबाइल से बड़े-बड़े कारनामे कर रहे थे। जेल में रहते हुए भी उसने जेल के अंदर अधिकारियों को भी झांसा देकर मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था। सवाल यह उठता है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद भी जेल के अंदर ऐसे शातिर के पास मोबाइल कैसे पहुंच गए? अभिषेक अग्रवाल को मोबाइल उपलब्ध कराने में जेल के किन-किन लोगों ने उनकी मदद की यह भी जांच का विषय है।
इससे पहले अभिषेक अग्रवाल पूर्व जस्टिस का नाम लेकर तत्कालीन डीजीपी को भी झांसा दिया था। अभिषेक अग्रवाल पर आर्थिक अपराध थाना में कांड संख्या 33/2020 दर्ज है। अभिषेक अग्रवाल पर आईपीसी की धारा के तहत 353, 387, 149, 420, 467, 468, 120 (बी) तथा आईटी एक्ट की धारा 66( सी), 66(डी)के तहत मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल, अभिषेक अग्रवाल पटना के अति संवेदनशील जिलों में से प्रमुख आदर्श केंद्रीय कारा बेउर जेल में बंद है।

वहीं, इस मामले में बेउर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। अभिषेक अग्रवार को जेल के अंदर मोबाइल कैसे मिला। इस पर भी जांच की जाएगी। इससे पहले भी बेऊर जेल के अंदर मोबाइल और आपत्तिजनक सामान की बरामदगी के बाद जेल के कई अधिकारियों पर गाज गिरी थी। अब देखना यह होगा कि इस कांड के बाद जेल के कितने लोगों पर इतने बड़े लापरवाही करने की बात सामने आती है।



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