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हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर टीबी उन्मूलन में निभाएगा अहम भूमिका

  • सुविधाएं खीच रही लोगों का ध्यान
  • टीबी जागरूकता के लिए प्रत्येक महीने आयोजित हो रहा निक्षय दिवस

सीतामढ़ी। 5 अप्रैल
आयुष्मान केंद्र के रूप में पहचान रखने वाला हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा केंद्र बनता नजर आ रहा है। मातृ स्वास्थ्य, फैमिली प्लानिंग, प्रसव, वेक्टर और गैर संचारी रोग सहित टीबी की स्क्रीनिंग एवं उपचार में मिल रही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्तरीय सुविधाएं लोगों को जोड़ रही है। अगर बात टीबी की करें तो भारत सरकार ने 2025 को टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। इसका अर्थ प्रति लाख जनसंख्या पर 44 नए टीबी मामलों या 65 कुल मामलों की रिर्पोटिंग से है। टीबी उन्मूलन का यह लक्ष्य पूरा कैसे हो इस बात को समझाते हुए जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ मुकेश कुमार कहते हैं ज्यादा से ज्यादा नए टीबी रोगियों की खोज हमें उन्मूलन के लक्ष्य पर पहुंचा सकती है। जिसमें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर एक नया जरिया बन कर आया है।

डोर स्टेप पर मिल रही सुविधाएं:

लगमा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर प्रणव कुमार कहते हैं, एचडब्ल्यूसी गांव वालों के लिए डोर स्टेप सुविधा की तरह है। उनके घर से कुछ दूरी पर ही उन्हें वह तमाम तरह की सुविधा मिल जाती है। टीबी नोटिफिकेशन में भी यही बात सामने आती है। किसी को खांसी है तो वह एचडब्ल्यूसी पर आकर दिखा लेता है। इससे संदिग्धों की पहचान आसान हो जाती है। परिणाम है कि अब अधिक संख्या में टीबी के मरीज पकड़ में आ रहे हैं। स्क्रीनिंग की सुविधा के साथ दवा और जांच भी आसानी से हो जाती है। एक तरह से कहें तो लेागों को एचडब्ल्यूसी पर लोगों को भरोसा हो रहा है। वहीं टीबी के लिए हर माह निक्षय दिवस जैसे आयोजन टीबी के प्रति लोगों की जागरूकता को और बल दे रहे हैं।

टीबी उन्मूलन को मिल रही सार्थक दिशा:

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ मुकेश कहते हैं, हेल्थ एंड वेलनेस ने अपनी सुविधाओं से टीबी उन्मूलन की दिशा में जो अलख जगाई है। वह इसके नोटिफिकेशन और रोगियों के सक्सेस रेट में दिखता है। अगर कुछ महीने ऐसे ही एचडब्ल्यूसी जैसी संस्था का साथ मिलता रहे तो निश्चित रूप से हम टीबी उन्मूलन की दिशा में एक बेहतर कदम बढ़ा सकते हैं।

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