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लॉकडाउनः इस मकान मालिक ने 75 किराएदारों का 3.4 लाख किराया किया माफ…

एक अच्छे इंसान की भूमिका निभाते हुए तेलंगाना (Telangana) में एक घर के मालिक ने दरियादिली दिखाई है। लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान मकान मालिक ने अपने 75 किराएदारों का किराया माफ कर दिया है। शहर में तीन इमारतों के मालिक 41 वर्षीय व्यक्ति ने अपने किराएदारों से कहा कि उन्हें अप्रैल महीने का किराया देने की जरूरत नहीं है।
बालानगर (Balanagar) के रहने वाले कोडुरी बालालिंगम ने कहा, ‘मुझे पता है कि भूख क्या होती है? मैंने भी अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया है। मैं नहीं चाहता कि इनमें से कोई भी परिवार इस संकट के समय में पीड़ित हो।’ मेरी तीन इमारतों में कई एक-बेडरूम के घर हैं, इन कमरों में अधिकांश बिहार (Bihar) के औद्योगिक श्रमिक ही किराए पर रहते हैं। उन्होंने किराएदारों का जो किराया माफ किया है, वह लगभग 3.4 लाख रुपये है।

…तो अगले महीने भी किराया माफ
कोडुरी ने कहा कि अगर लॉकडाउन जारी रहता है और श्रमिकों के पास कमाई का कोई साधन नहीं है, तो वह अगले महीने भी उनका किराया माफ करने के बारे में सोचेंगे। किराएदारों का किराया माफ करने के अलावा, उन्होंने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों में 250 गरीब परिवारों के बीच लगभग 2.5 लाख रुपये बांटे हैं।

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राजान्ना सिलसिल्ला (Rajanna Sircilla) जिले के राजापेटा गांव में रहने वाले बालालिंगम के लिए पैसा दान करना कोई नई बात नहीं है। 2005 में जब उन्होंने बालानगर में अपनी यांत्रिक कार्यशाला की स्थापना की, तब भी उन्होंने जरूरतमंदों को लगभग 1.20 करोड़ रुपये दान दिए थे। इसमें मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति देना, उनके गांव में एक पानी का प्लांट स्थापित करना, आरटीसी कर्मचारियों के परिवारों की मदद करना, जो हड़ताल पर थे और सरकारी स्कूलों में वॉलंटिअर के रूप में पढ़ाने वालों को वेतन देना शामिल है।

खुद कभी बर्तन धोए…संघर्ष की कहानी
उन्होंने बताया कि कभी उनके पास भी रुपये नहीं थे। उन्होंने एक बार में बर्तन धोने तक का काम किया। वह 1996 में छुट्टियों के दौरान अपने दोस्त के साथ हैदराबाद (Hyderabad) आए और बालानगर में एक खराद मशीन कार्यशाला में सहायक के रूप में काम किया। उन्होंने नौ साल तक विभिन्न कार्यशालाओं में काम किया और फिर 2005 में खुद की मशीन लगाई।

उनकी कार्यशाला में अब दस लोग काम करते हैं। उन्होंने बताया, ‘जब मेरे ऊपर पांच लाख रुपये का कर्ज था, तब भी मैंने गरीबों को खिलाने के लिए एक लाख रुपये का दान दिया। दूसरों की मदद करना मेरे स्वभाव में है।’ सीएम के. चंद्रशेखर राव ने मकान मालिकों से आग्रह किया था कि वे किराएदारों का किराया माफ करें।

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