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WHO की चे’तावनी, कहा- ख’तरनाक हो सकता है सेनेटाइजिंग टनल से गुजरना, जानें…

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सेनेटाइजिंग टनल बनाने की होड़ मची है। मगर इन टनल से गुजरना खतरनाक भी हो सकता है। स्प्रे के लिए सोडियम हाइपोक्लोराइड और दूसरी चीजों का प्रयोग हो रहा है। हाइपोक्लोराइड किसी भी चीज की सतह पर तो प्रभावी है लेकिन मानव शरीर पर नहीं। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है। डब्ल्यूएचओ सेनेटाइजिंग टनल को संक्रमण से बचाव का प्रभावी उपाय भी नहीं मानता। अलबत्ता इससे संक्रमण दूर होने का भ्रम पालने वाले लोग साबुन से हाथ धोने, सोशल डिस्टेंसिंग सहित दूसरे उपायों से दूर हो रहे हैं। वे आंख, नाक और त्वचा संबंधी दि’क्कतों का शि’कार भी हो सकते हैं।

बिहार की बात करें तो पटना में राजेंद्र नगर सब्जी मंडी में  ऐसी टनल स्थापित की गई थी। मगर उसमें से निकलने वालों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया। अब एनएमसीएच व आईजीआईएमएस में भी टनल स्थापित किए जा रहे हैं। टनल का खर्च बचाने के लिए लोगों ने विकल्प भी खोज लिए हैं। मुंगेर सहित कई स्थानों पर शादी-ब्याह में चलने वाले स्प्रे फैन के जरिये लोगों को सेनेटाइज किया जा रहा है।

सोडियम हाइपोक्लोराइड एंटी बैक्टीरियल है। यह सरफेस पर प्रभावी है मगर स्प्रे के दौरान यह कतई आंख, नाक, कान या मुंह में नहीं जाना चाहिए।
-डॉ. अमरकांत झा अमर, त्वचा रोग विशेषज्ञ व प्रेसीडेंट इलेक्ट आईएमए

मिथक का खंडन
डब्ल्यूएचओ ने इस मिथक का खंडन किया है कि क्लोरीन या एल्कोहल से पूरे शरीर पर स्प्रे करने से कोरोना वायरस खत्म हो जाएगा। केमिकल की मात्रा अधिक होने पर भी परिणाम गं’भीर हो सकते हैं।

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