बिहार के भोजपुर में अटूट प्रेम का किस्सा देखने को मिला है। मां- पिता की मौत के बाद साथ रहने की ख्वाहिश पूरी करने की कहानी भोजपुर से सामने आई है। जानकारी के मुताबिक बीबी जैनब खातून की मौत 23 मार्च 2021 में हुई थी। मौत से पहले उन्होंने अपने बेटों से यह इच्छा जाहिर की थी, मेरी कब्र घर के पीछे ही दफनाया जाए और मेरी कब्र के बगल में ही मेरे शौहर का भी क्रब बनाया जाए। बेटे ने मां की इच्छा पूरी करने के लिए जो पहल की उसकी चर्चा जिले में हो रही है।
जमीन विवाद में दो दिन तक पड़ा रहा शव
दरअसल,अब्दुल रशीद अंसारी और बीबी जैनब खातून पत्नी-पत्नी थे। जैनब खातून की मौत 2021 में हो गई थी। जबकि, 7 अप्रैल 2023 को 82 साल की उम्र में रशीद अंसारी का भी इंतकाल हो गया। वो पेशे से किसान थे। अब मां की ख्वाहिश के मुताबिक बेटों ने पिता के शव की कब्र की बगल में दफनाया चाहा लेकिन रिश्तेदारों ने इसका विरोध कर दिया। यह विरोध करीब दो दिनों तक चला। जिसकी वजह से अब्दुल रशीद अंसारी का शव दो दिनों तक पड़ा रहा। काफी गुजारिश करने के बाद भी उसके चाचा नहीं माने। हालांकि, प्रशासन की मदद के बाद रिश्तेदारों ने विरोद करना बंद कर दिया और मृतक अब्दुल रशीद अंसारी को भी उनकी पत्नी के बगल में ही दफनाया गया।

पत्नी की कब्र की बगल में अब्दुल रशीद को दफनाया गया।
मां के शव को दफनाने के लिए भी हुआ था विवाद
मृतक अब्दुल रशीद अंसारी के बेटे की पत्नी ने बताया कि अब्दुल रशीद अंसारी की पत्नी बीबी जैनब खातून के इंतकाल के बाद भी उनके शव को दफनाने के लिए दो दिनों तक विवाद हुआ था। उनके शव को भी दफनाने के दौरान पटीदारों ने अड़चन पैदा की थी। उस दौरान भी प्रशासनिक मदद के बाद शव को दफनाया गया था। वहीं ससुर के इंतकाल के बाद भी पटीदारो ने विवाद किया। जिसके बाद प्रशासनिक मदद बुलानी पड़ी और दो दिनों के बाद शव को दफनाया गया।



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