AccidentBreaking NewsCRIMEMADHYA PRADESH

बस हाद’से में 51 लोगों की मौ’त का जिम्मेदार बस ड्राइवर गि’रफ्तार

सीधी. मध्य प्रदेश में सीधी से सतना आ रही जिस बस के बाणसागर नहर में डूबने से 51 यात्रियों की मौ’त हो गई है, उस बस का ड्राइवर आखिरकार गिर’फ्तार कर लिया गया. सीधी पुलिस ने आज उस आरोपी बस ड्राइवर को गि’रफ्तार किए जाने की पुष्टि की है. रामपुर नैकिन थाना पुलिस और पीवराव चौकी पुलिस ने आ’रोपी ड्राइवर को गिर’फ्तार किया है. आपको बता दें कि मंगलवार की सुबह 50 से ज्यादा यात्रियों को सीधी से सतना लेकर जा रही बस बाणसागर नहर के पास हाद’से का शि’कार हो गई थी. दुर्घ’टना के बाद बस में सवार 7 यात्री तैर कर बाहर आ गए थे, लेकिन 51 यात्रियों के श’व बरामद हो चुके हैं. इसमें 47 के श’व देर रात तक मिल गए थे.

सीधी बस हा’दसे में म’रने वालों की संख्या 51 हो चुकी है. मंगलवार रात तक 47 शव मिले थे. बुधवार को 4 बॉडी और मिलीं, जिसमें 5 महीने की बच्ची का शव रीवा में मिला. 3 ला’पता लोगों की तला’श जा’री है. इस बीच, आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान घ’टनास्थल पहुंचेंगे. वे पी’ड़ित परिवारों से भी मिलेंगे.

रीवा के सिमरिया निवासी बस ड्राइवर 28 साल के बालेंद्र विश्वकर्मा पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसका एक ड्राइविंग लाइसेंस हादसे में बह गया जबकि दूसरा लाइसेंस रीवा में है, वही गाड़ी के दस्तावेज सतना में है. इसके बाद बालेंद्र के ड्राइविंग लाइसेंस और बस के डॉक्यूमेंट्स के लिए दो टीमें रीवा और सतना भेजी गई हैं पुलिस ड्राइवर से यह पता करने में जुटी है कि क्या वह पहले भी ओवरलोड कर बस चलाता था? ASP अंजूलता पटले के मुताबिक, बस में कुल 63 यात्री सवार थे. इनमें से तीन यात्री हादसे से पहले ही बस से उतर गए थे. वहीं 60 यात्रियों में छह की जान बचाई जा चुकी है.

बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बस हादसे के तुरंत बाद भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम को स्थगित कर दिया था. साथ ही उन्होंने प्रदेश के परिवहन मंत्री को तलब कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. इसके अलावा उन्होंने सरकार के दो अन्य मंत्रियों को भी घट’नास्थल पर विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए भेजा था. बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज स्वयं सीधी गए हैं. प्रदेश सरकार ने बस हादसे में मा’रे गए लोगों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपए मु’आवजा देने का भी ऐलान किया था.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.