बरात में फोड़े गए पटाखा और ओस गिरने से शहर की हवा में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को लगन होने के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में काफी पटाखा फोड़े गए है। पटाखा से निकलने वाले धुंआ और विभिन्न तरह के गैस से हवा प्रदूषित हो गई है। इसके वजह से महीने का सर्वाधिक प्रदूषण शनिवार को रिकॉर्ड किया गया है। पटना का एक्यूआई लेवल शनिवार को 341 जबकि 25 नवंबर को 333 रिकॉर्ड किया गया है। सेन्ट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मॉनिटरिंग मशीन के 24 घंटे के औसतन एक्यूआई लेवल के हिसाब से पटना देश के 171 शहरों में 8वें स्थान पर है। लगातार पांचवे दिन दिल्ली से अधिक शहर की हवा में प्रदूषण मिला है।
वहीं देश के टॉप स्थान पर बेगूसराय और बक्सर रहा है। दोनों शहर का एक्यूआई लेवल 418 रिकॉर्ड किया गया है। पटना नगर निगम क्षेत्र में सबसे अधिक प्रदूषण राजाबाजार इलाकों में प्रदूषण है। एक्यूआई लेवल 367 रिकॉर्ड किया गया है। मानक कहता है कि एक्यूआई लेवल 300 से अधिक है तो वहां की हवा स्वास्थ्य के लिए बहुत खराब हो जाता है।

शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार पीएम 2.5, पीएम 10 और कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। ओस के कारण अधिकतम पीएम 2.5 और पीएम 10 मानक से तीन-पांच गुणा अधिक हवा में फैला हुआ है। वहीं बारात में पटाखा फोड़ने, आस-पास के ग्रामीण इलाकों में लकड़ी और गोइठा जलाने, डीजल से चलने वाले वाहन सहित अन्य चीजों सें कच्चा धुआं निकलने से हवा में कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस का स्तर बढ़ गया है। अधिकतम मानक से 10 गुणा से अधिक सीओ बढ़ गया है।




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