तमिलनाडु से शनिवार की देर रात भागकर पहुंचे तीन मजदूरों के रामनगर थाना क्षेत्र के सिलवटिया बड़गो गांव पहुंचने की सूचना पर हड़कंप मच गया। रविवार की सुबह सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची मेडिकल टीम ने तीनों मजदूरों से पूछताछ की और एहतियात के तौर पर तीनों को बेतिया ले जाया गया।
ब्लड टेस्ट कराने के बजाय पहुंचा घर
सिलवटिया बड़गाे गांव निवासी नंद चौधरी के पुत्र धनंजय चौधरी उम्र 25, उसके भाई संजय चौधरी उम्र 20 वर्ष तथा पड़ोसी चनमन पटेल के पुत्र वकील पटेल तमिलनाडु (Tamil Nadu) के त्रिपुर (Tripur) में रहकर धागा फैक्ट्री (Thread Factory) में काम करते हैं। चार दिन पहले धनंजय को बु’खार हो गया। जिसे वहां के एक निजी अस्पताल में दाखिल किया गया। चिकित्सकों ने दवा दी और ब्ल’ड टेस्ट कराने की अनुशंसा की। पर, धनंजय का ब्ल’ड टेस्ट कराने की बजाय उसके भाई व पड़ोसी उसे लेकर शनिवार की देर रात जननायक एक्सप्रेस से रामनगर पहुंच गए।

गांव वालों को लगी भ’नक, थाने को किया सूचित
इस बीच इसकी भनक गांव वालों को लग गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने थाने को सूचित किया। ग्रामीणों की सूचना पर एसडीपीओ अर्जुन लाल, थानाध्यक्ष अभिनंदन कुमार सिंह, रामनगर पीएचसी से ईएमटी राधेश्याम कुमार व नरकटियांगज से पीएमटी लक्ष्मण एंबुलेंस लेकर गांव पहुंचे। जहां से तमिलनाडु से लौटे धनंजय, संजय व वकील को बेतिया ले जाया गया।
चिकित्सक डॉ. सुशांत पांडेय ने बताया कि बेतिया के आइसोलेशन वार्ड में तीनों को भेजा गया। उधर, बेतिया से संजय व वकील को प्रारंभिक जांच के बाद चिकित्सकों ने घर भेज दिया। जबकि धनंजय का ब्लड सैंपल लेकर उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। ब्लड सैंपल को जांच के लिए पटना भेजा गया है। उधर, धनंजय के घर पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है।





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