गया के बेलागंज में दोपहर को अग्निपथ भर्ती के विरोध के दौरान दो वाहनों से हुई लूट की रकम खासी मोटी निकली। प्रदर्शनकारी छात्रों ने करीब 30 लाख रुपये के सामान लूट ले गए हैं। लूटे गए सामान में स्मार्ट फोन व उसके एसेसरिज और ब्रेड, बटर समोसा है। इस लूट के मामले में वाहन मालिकों की ओर से देर शाम बेलागंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। लूट का केस दर्ज करते ही पुलिस पूरी हरकत में आ गई है। इससे पहले वह ठोस आधार ढूंढ रही थी। लेकिन अब उसे बड़ा आधार मिल गया है। बेलागंज थानाध्यक्ष रामराज सिंह ने बताया कि लूट की घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। साथ ही मामले की छानबीन और धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।
गुरुवार को बेलागंज के विभिन्न चौक चौराहों पर छात्रों द्वारा पुरजोर प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शन उपद्रव में तब्दील हो गया था। प्रदर्शनकारी जहां तहां तोड़ फोड़ मचा रहे थे। इस बीच गया -पटना मुख्य मार्ग से दो छोटे माल वाहक वाहन आगे-पीछे बेलागंज से क्रास कर रहे थे। एक पटना का देव कूरियर और दूसरा सुमांगलिक कंपनी की ब्रेड के वाहन थे। उन वाहनों पर उपद्रवियों की नजर पड़ी तो उन्हें जबरन रुकवा कर लूटने वे लगे। देव कूरियर के वाहन पर मोबाइल और उससे संबंधित सामान भरे पड़े थे।
वहीं सुमांगलिक कंपनी के वाहन पर ब्रेड के अलावा वेबरेज, समोसा समेत कई ब्रांडेड आइटम थे जिसे प्रदर्शनकारियों में शामिल उपद्रवी न केवल लूट ले गए बल्कि नष्ट भी कर गए। देव कूरियर कंपनी के पार्सल वाहन के मालिक पटना निवासी उपेंद्र सिंह ने बताया कि वह गया से पटना की ओर जा रहे थे। जब बेलागंज प्रवेश करने ही वाले थे कि पुलिस व प्रशासन के लोगों ने बाइपास के रास्ते आगे जाने की बात कही। इस पर हम अपने वाहन को बाइपास के रास्ते से लेकर निकल गए लेकिन रास्ते में एक पुलिस के नजदीक करीब 200 की संख्या में प्रदर्शनकारी लाठी-डंडे के साथ खड़े थे।
उन्होंने जबरन गाड़ी रुकवाई और गाड़ी पर लाठी -डंडा बरसाते हुए पार्सल वैन के बंद लॉक को तोड़ कर सारा सामान लूट ले गए। कुछ ऐसा ही सुमांगिलक ब्रेड कंपनी के वाहन चालक के साथ बाइपास वाले रास्ते पर ही हुआ है। इन दोनों वाहन मालिकों सह चालक का कहना है कि बाइपास वाले रास्ते पर उस समय तक पुलिस के नामोनिशान तक नहीं थे। घटना के बाद ही पुलिस मौके पर दिखी और लूटे-पीटे वाहन चालकों की पीड़ा को समझे बगैर ही हनक भी दिखाने लगी। प्रदर्शनकारियों के प्रदर्शन के आगे हांफ रही पुलिस हम वाहन चालकों के ऊपर अपनी खीझ निकालने को कुछ पल के लिए बेताब नजर आई। यहां तक की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।






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