दुनिया भर में हर साल 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस (वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे) मनाया जाता है। बगहा का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) बिहार का सबसे बड़ा वन क्षेत्र है। यह पर्यटन के लिए भी बहुत खास जगह है। यहां के जीवों व लकड़ियों को सुरक्षित करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस वजह से VTR में टाइगर्स के साथ लगातार अन्य जानवरों की भी वृद्धि हो रही है। इसके बाद VTR में सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं।
VTR के वन संरक्षक डॉ नेशामानी के ने बताया कि आने वाले दिनों में वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए और भी कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विभाग से वर्ता चल रही है। गर्मी के मौसम में पानी की कमी नहीं हो, इसके लिए वाटर हॉल की सफाई भी कराई जाएगी।
जंगल में दिखे विलुप्त हो रहे गिद्ध, अन्य जानवरों की संख्या भी बढ़ी
VTR में विलुप्त हो रहे गिद्ध कुछ महीनों से दिखाई दे रहे हैं। गनौली, मदनपुर, हरनाटाड़ वन क्षेत्र और दोन क्षेत्र से गुजरी भपसा और झीकैरी नदियों के तट पर तीन-चार दर्जन गिद्धों ने डेरा डाल रखा है। करीब ढाई दशक के बाद गिद्ध वीटीआर को अपना ठिकाना बना रहे हैं। मृत जानवरों के रूप में भोजन व ऊंचे पेड़ इन गिद्धों के बेहतर आशियाना साबित हो रहे हैं।

यहां बाघों की संख्या भी बढ़ रही है। पैंथर की संख्या 92 तक पहुंच चुकी है। कभी नेपाल से एक दर्जन की संख्या में पहुंचे गौर आज 250 हो गए हैं। भालुओं की भी संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
3 मार्च 1973 को हुआ था वन्यजीव दिवस का शुभारंभ
दुनियाभर से लुप्त हो रहे जंगली फल-फूलों के अंतरराष्ट्रीय ट्रेड को प्रतिबंधित करने के लिए 3 मार्च 1973 को यूनाइटेड नेशंस के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर हुए थे। इस खास दिन की याद में 20 दिसंबर 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 63वें सत्र में तय हुआ कि हर साल 3 मार्च को वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे मनाया जाएगा। 3 मार्च 2014 को पहला विश्व वन्यजीव दिवस मनाया जाता है।



Leave a Reply