Breaking News

मुजफ्फरपुर में अवैध तरीके से चल रही थी फैक्ट्री, किराए पर मकान लेकर चला रहा था फैक्ट्री

मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र स्थित गिद्धा विशुनपुर गांव में स्थित प्लास्टिक डब्बा बनाने वाली फैक्ट्री अवैध तरीके से चल रही थी। इसके लिए लाइसेंस नहीं मिला था। ये बात खुद प्रोपराइटर नंद लाल सिंह ने भास्कर से बातचीत में बताया। उसने कहा कि पिछले साल सितंबर में फैक्ट्री शुरू की थी। स्थानीय घनश्याम शर्मा से किराया पर मकान लिया था। पांच हजार रुपए इसका किराया प्रतिमाह तय हुआ था।

उसने कहा कि इस फैक्ट्री का संचालक वह खुद है। घनश्याम शर्मा का इसमे हिस्सा नहीं है। उसने लघु उद्योग विभाग में फैक्ट्री का लाइसेंस के लिए अप्लाई किया था। लेकिन, कोरोना के कारण होल्ड पर रख दिया गया। बावजूद इसके उसने फैक्ट्री शुरू कर ली, जो पूर्ण रूप से अवैध है। भास्कर से बातचीत में उसने अपनी गलती स्वीकार भी की। कहा कि स्थानीय लोगों की जो भी क्षति हुई है। उसका वह भरपाई करने के लिए तैयार है।

सेफ्टी भॉल्व खराब होने से हादसा
बेला औधोगिक क्षेत्र के अधिकारी नीलकमल ने बताया कि हाई कम्प्रेशर मशीन में ऑटो कट लगा होता है। जब कम्प्रेशर अधिक हो जाता है तो यह अपने आप ऑटो कट हो जाता है। इसमे सेफ्टी भल्लव लगा होता है। अगर यह खराब हुआ तो ऑटो कट नहीं होगा। उन्होंने प्रबल संभावना जताई कि सेफ्टी भल्लव में गड़बड़ी रही होगी। जिससे कम्प्रेशर अधिक हुआ लेकिन, ऑटो कट नहीं हुआ होगा। इसी कारण से यह फटा होगा। वहीं संचालक नंद लाल ने भी ये बात स्वीकार करते हुए कहा सेफ्टी भल्लव में अचानक से खराबी आयी होगी। जिससे ये हादसा हुआ है।

जमीन बेचकर बनाया था घर
फैक्ट्री के सामने पूनम देवी का घर है। तीन साल पहले ही उन्होंने ये घर बनवाया था। कहती हैं, हमलोग मजदूरी करने वाले लोग हैं। घर बनाने के लिए जमीन बेचनी पड़ी थी। अब छत और दीवारों के साथ फर्श भी क्षतिग्रस्त हो गया। इतना भारी नुकसान हुआ कि इसकी भरपाई अब हम नहीं कर सकेंगे। हर हाल में फैक्ट्री मालिक को मुआवजा देना पड़ेगा। टुनटुन राय और दीपू ने भी मुआवजा की बात कही है। इनका घर भी क्षतिग्रस्त हुआ है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.