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अवैध बालू खनन करना था मुखिया:खनन विभाग ने करवाई FIR, सरकार को पहुंचाया 27 लाख का नुकसान

गया जिले के गहलौर पंचायत का मुखिया अवैध बालू का धंधेबाज निकला। वह मुखिया पद की आड़ में अवैध तरीके से बालू का धंधा कर रहा था। उसके खिलाफ खनन विभाग ने केस दर्ज कराया है। वह अपनी हनक की बदौलत इस धंधे को परवान दे रहा था। मुखिया ठाकुर राणा रंजीत सिंह के खिलाफ अवैध बालू खनन कर उसे डंप करने के मामले में खनन विभाग के अधिकारी ने गहलौर ओपी में एफआईआर दर्ज कराई है।

दरअसल मुखिया की उसके पंचायत से किसी से अनबन हो गई। इस बात खीझ में आए उस शख्स ने जिला प्रशासन व खनन विभाग को प्रमाण सहित शिकायत कर दी। इस पर खान निरीक्षक दीपांशु सिंह ने अवैध बालू डंपिंग किए जाने की सूचना मिलने पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान मुखिया के गांव बेला में 51000 घन फिट बालू का अवैध रूप से भ्ंडारण पाया गया। छापेमारी के दौरान मुखिया राणा रंजीत सिंह के द्वारा महज 12000 घन फिट का ही चालान खनन विभाग को दिखा सके।

खान निरीक्षक दीपांशु सिंह ने बताया कि इससे स्पष्ट हो गया की मुखिया के द्वारा अवैध रूप से बालू का भंडारण किया गया है। उन्होंने बताया की अवैध बालू भंडारण से सरकार को 27 लाख चालीस हजार सात सौ पचास रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है। मसलन मुखिया ने 27 लाख से अधिक रुपए डकार गए। गौरतलब है कि मुखिया बने हुए राणा रंजीत सिंह को महज एक वर्ष ही हो रहे हैं। इस एक वर्ष में उसने 27 लाख से अधिक रुपए बालू की चोरी की कमाए। खास बात यह भी है कि गहलौर ओपी से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर अवैध बालू खनन का कारोबार किया जा रहा था। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस अधिकारियों के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। उसे न तो नदी से हो रहे अवैध बालू खनन के काम पर नजर पड़ रही थी और न ही उसके मुखबिर इस बात की सूचना दे रहे थे। तभी तो मुखिया बालू की चोरी करने में दिन रात जुटा था। इस बात की चर्चा भी इलाके में इन दिनों जोरो पर है।

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