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चमचमाती बुलेट ने 1 करोड़ के सोना चोरों को पकड़वाया:पटना में बुलेट से स्टेशन पहुंचे थे चोरी करने, CCTV से मैकेनिक ने पहचाना

पटना जंक्शन पर खड़ी भगत की कोठी, कामाख्या एक्सप्रेस से करीब एक करोड़ के सोना चोर एक चमचमाती बुलेट के कारण पकड़े गए। चोरी करने के लिए वो उसी से पटना जंक्शन आए थे। वारदात के बाद जब रेल पुलिस ने स्टेशन पर लगे CCTV के फुटेज को खंगाला तो उसमें बुलेट दिखी थी। उसी के आधार पर एक सर्विस सेंटर के मैकेनिक ने चोरों की पहचान कर ली।

रेल पुलिस ने स्टेशन पर लगे CCTV के फुटेज के आधार पर सरगना मनोज मंडल और संतोष पांडेय समेत कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें 6 पेशेवर अपराधी हैं तो 3 पटना के बाकरगंज इलाके के सोना के कारोबारी। जबकि, सोना गलाने वाला शख्स अब भी फरार है।

रेल पुलिस की टीम ने इन अपराधियों के पास से 18 लाख रुपया कैश, चोरी के 85.600 ग्राम सोना, करीब सवा किलो चांदी, 10 मोबाइल, एक बुलेट, अलग-अलग पैसेंजर्स के चोरी किए गए 14 ट्रॉली बैग, 4 बैग और ज्वेलरी की वेट मशीन बरामद की है।

इस चोरी में खास बात ये है कि जब चोर बैग लेकर भाग रहे थे तब उन्हें भी नहीं पता था कि उसमें एक करोड़ का सोना है। दरअसल, ट्रेन में जिस यात्री मनोज कुमार जैन का बैग चोरी हुआ था, उसके सामने वाली बर्थ पर एक महिला पैसेंजर थी। इन शातिरों को लगा कि ट्रॉली महिला की ही होगी। जब ट्रॉली लेकर अपने ठिकाने पर पहुंचे तो उसमें रखे सोने-चांदी की ज्वेलरी और कैश देख इनके भी होश उड़ गए थे।

4 लोग कोच में चढ़े थे
ट्रेन से सोना चोरी की ये वारदात 10 नवंबर की सुबह की है। डाउन कामाख्या एक्सप्रेस के A-1 कोच में कारोबारी मनोज कुमार जैन सफर कर रहे थे। उस दिन सुबह 6:25 बजे ट्रेन पटना जंक्शन पहुंची थी। डीएसपी मुख्यालय सुशांत कुमार चंचल के अनुसार जब स्टेशन के CCTV फुटेज को खंगाला गया, तब पता चला कि ट्रेन रुकने के बाद 4 लोग कोच में चढ़े थे। इसमें संतोष पांडेय, मनोज मंडल, उमेश कामत और श्रवण उर्फ संतोष शामिल हैं।

कोच में अपनी बर्थ पर सो रहे कारोबारी की ब्लू कलर की ट्रॉली संतोष मंडल लेकर बाहर उतरा था। इसमें ही सोने की ज्वेलरी थी। इसे लेकर ये लोग बाहर निकले। फिर लाल रंग की बुलेट पर बैठकर संतोष और मनोज मंडल फरार हो गए। ट्रेन आने के पहले स्टेशन पर मनोज व्हाइट कलर की शर्ट पहने घूम रहा था। भगत की कोठी एक्सप्रेस से पहले दो अलग-अलग ट्रेनों को भी ये शातिर खंगाल चुके थे।

एक ही सर्विसिंग हुई थी बुलेट की

फुटेज में दिखे बुलेट से पुलिस को एहसास हो गया कि वो नया है। इसके बाद ही एक-एक कर पटना में स्थित बुलेट के कई सर्विस सेंटर को खंगाला गया। उसी दरम्यान CCTV के फुटेज से निकाले गए मनोज मंडल और बुलेट की फोटो देख एक सर्विस सेंटर के मैकेनिक ने उसे पहचान लिया। इसके बाद क्लू मिला और उसकी पहचान हुई। बुलेट की मात्र एक सर्विसिंग ही हुई है। फिर सबसे पहले उमेश कामत की गिरफ्तारी हुई। फिर उसकी निशानदेही पर एक-एक करके बाकी लोगों की।

सर्विस सेंटर के मैकेनिक से क्लू मिला और उमेश कामत पहचान हुई।

सर्विस सेंटर के मैकेनिक से क्लू मिला और उमेश कामत पहचान हुई।

34 लाख में बेचा चोरी का सोना
इस मामले की जांच के लिए रेल पुलिस ने एक SIT बनाई थी। जिसे डीएसपी मुख्यालय और पटना जंक्शन के थानेदार रंजीत कुमार लीड कर रहे थे। जैसे-जैसे अपराधी पकड़े गए और उनसे मिले क्लू के आधार कार्रवाई आगे बढ़ी तो महत्वपूर्ण बातें सामने आने लगी। चोरी का सोना ठिकाने लगाने के लिए इन अपराधियों ने बाकरगंज के तीन कारोबारियों से कांटैक्ट किया।

मनोज कुमार जैन की ट्रॉली में करीब 2 किलो सोने की पुश्तैनी ज्वेलरी थी। अपराधियों और चोरी का सोना खरीदने वाले कारोबारियों के बीच करीब 1 करोड़ की कीमत वाली सोने की ज्वेलरी की डील कुल 34 लाख रुपए में हुई थी। फिर सोना गलाने वाले एक व्यक्ति को हायर किया। 500 रुपए में करीब-करीब पूरा सोना गला दिया। रेल पुलिस के अनुसार 34 लाख रुपए 6 अपराधियों के बीच उनके कद के हिसाब से बांटे गए थे।

सीट बुक कर चोरी करने का मोडस
पूरे मामले का खुलासा करते हुए रेल डीएसपी ने अपराधियों के मोडस के बारे में भी बताया। गिरोह का सरगना या कोई भी सदस्य जनरल टिकट लेकर किसी भी ट्रेन के AC कोच में चढ़ जाते हैं। फिर TTE को रुपए देकर बर्थ ले लेते हैं। इसके बाद ट्रेन में सफर कर रहे पैसेंजर्स को उनके पहनावे या महिला को उनके पहने हुए ज्वेलरी के हिसाब से टारगेट करते हैं। जब मनोज मंडल और संतोष पांडेय को गिरफ्तार किया गया और उनसे पूछताछ हुई तो एक बड़ी बात सामने आई।

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