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शिवानंद ने नीतीश के बड़े अभियान पर उठाया सवाल:कहा- विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने में मुझे संदेह

शिवानंद तिवारी के इस बयान ने बिहार की राजनीति के अंदर जैसे भूचाल ला दिया है जिसमें उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों को एकजुट करना मुश्किल काम है। उन्होंने तराजू वाले मेंढक से भाजपा विरोधी पार्टियों की तुलना कर दी। शिवानंद तिवारी, बिहार की राजनीति के वैसे नेता हैं जो लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के साथ राजनीति करने वाले समाजवादी नेता हैं। जेपी आंदोलन में वे काफी सक्रिय रहे। यानी उनके अनुभव का क्षेत्रफल व्यापक है। उनकी यादाश्त पर अभी भी कोई सवाल नहीं उठा सकता। वे राष्ट्रीय जनता दल के संगठन में राष्ट्रीय स्तर के पद पर हैं। वे राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। विधान सभा और संसद दोनों का अनुभव उनके पास है।/

शिवानंद तिवारी ने राजद की राज्य परिषद की बैठक में महागठबंधन की इस मुहिम पर सवाल उठा दिया जिसमें विपक्षी दलों को एकजुट करने की मुहिम नीतीश कुमार चला रहे हैं। राज्य परिषद का बैठक का बड़ा महत्व इसलिए है कि वह पार्टी की नीतियों पर बात करने का बड़ा मंच होता है।

विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने के प्रयास में कई बड़े नेताओं से मिल चुके हैं नीतीश

शिवानंद ने मंच से लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव सहित सैकड़ों राजद कार्यकर्ताओं के सामने कहा कि विपक्षी दलों को एकजुट करना मुश्किल है। उन्होंने मेढ़क से तुलना तक कर दी। उनका बयान नीतीश कुमार के बड़े अभियान के खिलाफ माना जा रहा है। बता दें कि नीतीश कुमार ने हाल के दिनों में राहुल गांधी, एचडी कुमारस्वामी, सीताराम येचुरी, अरविंद केजरीवाल जैसे कई नेताओं से दिल्ली जाकर मुलाकात की। विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने के अभियान में निकलने से पहले और लौटने के बाद उन्होंने लालू प्रसाद से भी मुलाकात की।

मेरे मन में एक संदेह है

शिवानंद तिवारी ने राज्य परिषद की बैठक में कहा कि ‘ मैंने अखबार में नीतीश कुमार का भाषण पढ़ा। मुझे बहुत अच्छा लगा। यह बात बिल्कुल सत्य है कि बिहार में जो राजनीतिक परिवर्तन हुआ है उसका बहुत अच्छा संदेश देश में गया है। नीतीश कुमार दिल्ली गए और सभी पार्टियों के नेताओं से मिले। सभी ने उनका खूब स्वागत किया।

विपक्षी दलों को एकजुट करने का सभी ने समर्थन किया। दूसरी बात जो नीतीश कुमार ने कही कि हमलोगों का जमाना खत्म होने वाला है और नए लोगों को उत्साहित करेंगे। उनका इशारा तेजस्वी की ओर था। हमलोग ये मानकर चलें कि 2024 का लोकसभा चुनाव देश की राजनीति को बदलने वाला चुनाव है। लेकिन मेरे मन में गंभीर संदेह है, इतने दिनों से राजनीति को देखते हुए कि तमाम विपक्षी दलों को एकसाथ, एक मोर्चा के अंदर ले आना बड़ा कठिन काम है। अगर मुहावरे का इस्तेमाल करें तो यह मेढ़क तौलने के बराबर है।’

कठिन परिस्थिति में कठिन कार्य को पूरा करना है- नीरज कुमार, प्रदेश प्रवक्ता, जदयू

जदयू के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने शिवानंद तिवारी के बयान पर कहा कि शिवानंद तिवारी की नजर में ये कठिन काम है। लेकिन कठिन परिस्थिति में कठिन कार्य को पूरा किया जाएगा। संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है। संवैधानिक व्यवस्था पर संकट है। इस चुनौती को स्वीकार करना है और सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करना है।

जदयू और भाजपा के बीच शह और मात का खेल दिख रहा- निखिल आनंद, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा है कि जदयू और भाजपा के बीच शह और मात का खेल चल रहा है। राजद की राज्य परिषद की बैठक में भी यह सामने आ गया। उन्होंने कहा कि शिवानंद तिवारी, लालू प्रसाद के मूड और माइंड को ध्यान में रखकर ही कुछ बोलते हैं। शिवानंद तिवारी ने दो बातें कहीं। एक तो आश्रम खोलकर नीतीश रिटायरमेंट ले लें, दूसरी यह कि शिवानंद तिवारी ने कहा कि विपक्षी पार्टियों को एकजुट करना तराजू पर मेढ़क तौलने की तरह है। राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी के बयान पर मंच पर मंद-मंद मुस्कुराते रहे। किसी ने मंच से सफाई नहीं दी। खंडन नहीं किया। समय के अंतराल में ये बातें स्पष्ट है कि कौन पहले दांव खेलेगा ? कौन किसको पहले धता बताएगा? जिस लालू प्रसाद ने मुलायम सिंह यादव को पीएम पद से रोका था वे नीतीश को पीएम बनाने लिए क्यों बेचैन रहेंगे? राजद, नीतीश कुमार की रिटायर्ड प्लानिंग कर आश्रम भेजने में लग गई है।

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