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बढ़ी परेशानी:खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी बराज से छूटा 2 लाख क्यूसेक पानी

गंडक के जलस्तर में अभी उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले दो दिनों से दियारे के हालात बिगड़े हुए हैं। बाढ़ का पानी 14 नए इलाकों में प्रवेश कर गया है। पानी बढ़ने से अब तक 40 गांव प्रभावित हो गए हैं। इनमें 20 गांवों की हालात तेजी से बिगड़ रही है। पीड़ित परिवार अब तबाही की दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। कहीं घरों में पानी घुसा है। गांव के रास्ते बंद हो गए हैं, तो कहीं कटाव की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को वाल्मीकि नगर डैम से गंडक में 2 लाख 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

यह डिस्चार्ज आज शाम में जिले की गंडक सीमा में प्रवेश कर जाएगा। इससे हालात और बिगड़ सकते हैं। जानकारी के अनुसार गंडक के जल अधिग्रहण वाले क्षेत्र में रूक-रूक कर बारिश भी तेज हो रही है। इससे डिस्चार्ज लेवल में उतार-चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्र के लोगों की पीड़ा कम होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले तीन दिनों के दौरान बाढ़ के पानी में तीन फीट की वृद्धि हुई है। एक माह पहले जलस्तर बढ़ा था। तब जिन गांवों से बाढ़ का पानी उतर गया था उन गांवों में फिर डेढ़ से दो फीट पानी बह रहा है। नए इलाकों की बात करें तो 10 घंटे में 2 किमी पानी बरसा है।

जुलाई के पहले सपिताह में यहा उतर चुका था पानी
29 व 30 जून को वाल्मीकि नगर डैम से पानी बढ़ने पर खाप मकसूदपुर, रामनगर, बिन टोली, जगिरी टोला, निमुइया, भैसहीं, बंजरिया, टंडसपुर, दीपऊ, आशा खैरा व प्यारेपुर गांवों में बाढ़ का पानी उतर गया था। इसके बाद कई विस्थापित परिवार अपने-अपने घर लौट गए थे। गत बुधवार की देर शाम गंडक नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से निचले हिस्से में बसे लोग फिर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

नाव और मोटर बोट की मांग
बाढ़ पीड़ित परिवार फिर तटबंध पर पहुंच गए हैं। माल-जाल, बोरिया- बिस्तर के साथ बाढ़ पीड़ितों की दिन और रात दोनों तटबंधों पर ही कट रही हैं। बाढ़ का पानी पिछले 2 दिनों से तबाही मचा रखा है। तेज धूप तो कभी बारिश के तटबंध पर दिन काटना पीड़ित परिवारों के लिए मुश्किल हो रहा है। बाढ़ के पानी में लगातार वृद्धि होने से बाढ़ पीड़ितों की परेशानी बढ़ती जा रही है। गांवों में सड़क संपर्क फिर भंग हो गया है। लोग नाव और मोटर बोट की मांग कर रहे हैं।

बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिल रही सहायता राशि
बाढ़ के पानी से 10 हजार आबादी प्रभावित हुई है। बावजूद अब तक हजारों परिवार बाढ़ सहायता राशि से वंचित हैं। अभी 20 गांवों में बाढ़ की तबाही है । सहायता के लिए लोग जन प्रतिनिधि व स्थानीय प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।

लाल निशान से 40 सेमी उपर बह रही नदी
नदी का जलस्तर शुक्रवार को भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा। डुमरिया घाट में नदी का जलस्तर लाल निशान से 38 सेंटीमीटर ऊपर है। जबकि मटियारी गांव के समीप नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बताया गया। बराज से शुक्रवार की दोपहर 2 लाख 600 क्यूसेक छोड़ा गया है। नए डिस्चार्ज को देखते हुए इतना तो तय है कि दियारे के हालात सामान्य होने में अभी समय लगेंगे।

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