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गंडक विकराल:बाढ़ में घिरे 26 गांव,निचले हिस्से में तेजी से फैल रहा है पानी

दियारे में गंडक अब रौद्र रूप अपना रही है। तीन दिन पहले गंडक के जल अधिग्रहण क्षेत्र नेपाल के अलावे जिले में तेज बारिश होने से तटवर्ती इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। बराज से लगातार और ज्यादा मात्रा में पानी छोड़े जाने से नदी उफान पर है। दियारे में बाढ़ की तबाही शुरू हो गई है। दो दिनों से गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का पानी ओवर फ्लो कर दियारे के गांवों में फैल गया है। गुरुवार की सुबह तक छह प्रखंडों के 26 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए। इनमें से 10 गांव के ज्यादातर घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ से घिरे ग्रामीणों का पलायन शुरू हो गया है। लोग मवेशियों के साथ ऊंचे स्थान पर जा रहे हैं। हालांकि बांधों पर पानी का दबाव अभी नहीं है। कारण कि बैकुंठपुर के पकहां में सत्तरघाट में एप्रोच रोड नहीं होने के चलते पानी का प्रवाह अवरुद्ध नहीं है। इंजीनियरों की टीम बांघों पर कैंप कर रही है, वहीं अधिकारी हर पल हालात का जायजा ले रहे हैं। रिपोर्ट में जानिए कहां क्या स्थिति है …..

घरों में घुसा पानी… वीरान हुआ गांव
30 घर और 200 की आबादी वाला सदर प्रखंड का खाप मकसूदपुर गांव विरान पड़ गया है। यहां घरों में 2 से 3 फीट बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पूरी बस्ती के लोग गांव खाली कर चुके हैं। अब यहां केवल पानी का कलरव सुनाई दे रहा है। गांव के लोग प्लास्टिक टांग कर सारण मुख्य बांध पर शरण लिए हैं।

जान है …. तो जहान है
साइकिल व माथे पर घर के सामानों की गठरी। कांधे पर बैठे छोटे बच्चे। कमर तक पानी पार करने के लिए हाथ में लाठी लेकर उंचे स्थान को जा रहा लोगों का कारवां। सदर प्रखंड के रामपुर की तस्वीर है। मांझा प्रखंड के निमुईयां में यही स्थिति है। लोग मवेशियों के साथ बांध पर शरण ले रखे हैं। यहां 700 आबादी बाढ़ से घिर गई है।

परेशानी….सड़कों पर 3 फीट से ज्यादा पानी
गाेपालगंज, मांझा, बरौली, सिधवलिया व बैकुंठपुर प्रखंड के 20 गांवों काे प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली 15 से ज्यादा सड़कों पर पानी का तेज बहाव है। इनमें से कई सड़कें खाई में तब्दील होकर जानलेवा बन गई हैं। सिधवलिसा के बंजरिया की सड़क पानी में डूब गई है। निमुईयां-मुंगराहा पथ पानी में बह गया है।

बराज से घटा डिस्चार्ज… 2.30 लाख क्यूसेक छूटा

दो दिनों से बढ़ रहे नदी के जलस्तर में आज से कमी आएगी। कल दोपहर तक नदी के जलस्तर में 30 से 40 सेंमी तक कमी आने की उम्मीद है। वाल्मीकि नगर डैम से पानी के डिस्चार्ज में हर घंटे गिरावट आ रही है। गुरुवार की दोपहर 3 बजे 2.30 लाख क्यूसेक पानी छूटा। डैम के अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में बारिश की रफ्तार कम हो रही है।

इन सड़कों पर बह रहा पानी|गौसिया बेसिक स्कूल पथ, निमुईयां- कोईनी पथ, परसौनी पथ, मशानथाना पथ, रामनगर- मकसूदपुर पथ, खाप मकसूदपुर- जगिरी टोला पथ, बंजरिया पथ, सीतलपुर- पकहां पथ।​​​​​​​

गंडक…लाल निशान के ऊपर
गंडक नदी पतहरा, डुमरियाघाट और मूंजा में खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से नदी रौद्र रूप अख्तियार कर चुकी है। काला मटिहानियां, पतहरा, मशान थाना, हीरा पाकड़, सलेमपुर, टंडसपुर, सलेपुर, मटियारी, मूंजा सहित 13 जगहों पर नदी तटबंध के किनारे से गुजर रही है। ऐसे यहां चौकसी बढ़ा दी गई है।​​​​​​​

ये गांव घिरे
जमुनियां, गंम्हरिया, बरईपटी, खाप मकसूदपुर, जगिरी टोला, मलाही टोला, बीन टोली, रामनगर, निमुईयां, मुगराहां, मथुरा साह का टोला, भौसहीं, पकहां, बंजरिया, टंडसपुर, आशा खैरा, महम्मदपुर।

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