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आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हो रहा खुलासा:पदस्थापना का रेल में खेल… चहेते कर्मियों की पदस्थापना के लिए अधिकारियों ने पांच स्टेशनों पर सृजित कर दिए पद

पूर्व मध्य रेलवे के तीन वरीय अधिकारियाें की सीबीआई गिरफ्तारी के बाद रेलवे में भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियाें की चर्चा खुले आम होने लगी है। इसी चर्चा में रेलवे अधिकारियों का एक और कारनामा सामने आया है।

बताया जाता है कि सोनपुर मंडल के वरीय अधिकारियाें ने अपने चहेते कर्मियाें काे उनके मनमाफिक स्थान पर पदस्थापित करने के लिए 5 स्टेशनाें पर नए पद का ही सृजन कर दिया और उस पर अपने चहेते को बिठा दिया। रेल सूत्राें की मानें ताे पहलेजा घाट, कपरपुरा, गाेल्डेनगंज, नारायणपुर अनंत और सेमापुर में नया पद सृजित किया गया। पहले कभी भी इन स्टेशनाें पर यह पद नहीं था।

लेकिन कतिपय अधिकारियाें ने इन पांचों स्टेशन पर नया पद सृजित कर दिया। बताया जाता है कि पद सृजित करने के लिए इन कर्मियाें से सांठगांठ की गई। जोन के दूसरे मंडलाें में भी पदस्थापना का खेल जाेराें पर चल रहा था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि करने को कोई तैयार नहीं है। इधर, तीन वरीय अधिकारियाें की गिरफ्तारी के बाद मंडल से लेकर जाेन तक हड़कंप मची है। काेई भी अधिकारी कुछ बाेलने काे तैयार नहीं है।
17 वर्षाें तक सप्तक्रांति में अधिकारियों के चहेते सिर्फ 4 टीटीई करते रहे ड्यूटी
मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाली सप्तक्रांति सुपर फास्ट में 17 वर्षाें तक सिर्फ 4 चहेते टीटीई ही ड्यूटी करते रहे। मंडल के वरीय अधिकारी का संरक्षण हाेने के कारण इन लाेगाें काे काेई कुछ नहीं कहता।

शुरूआती दाैर में सप्तक्रांति मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए चलती थी। उस समय जाे टीटीई मुजफ्फरपुर में चढ़ते थे, वे सीधे दिल्ली तक जाते थे। उस समय टीटीई काे ही रास्ते में बर्थ आरक्षित करने की शक्ति थी। ऐसे में कई लाेग लाभान्वित हाेते रहते थे। बाद में जब रेलवे बाेर्ड काे शिकायत मिली ताे मुजफ्फरपुर से चलने वाले टीटीई की रनिंग गाेरखपुर तक सीमित कर दी गई।

हालांकि, कुछ दिनाें पहले मंडल में पदस्थापित एक अधिकारी काे जब इसकी जानकारी मिली ताे अब टीटीई की ड्यूटी का राेस्टर बना दिया। अब राेस्टर के अनुसार ही सप्तक्रांति समेत अन्य ट्रेनाें में ड्यूटी लगती है। राेस्टर ड्यूटी हाेेने पर कई लाेगाें ने इसे खत्म करने के लिए उक्त अधिकारी पर दबाव भी बनाया था।

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