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अंतिम सफर पर कैप्टन आनंद: शहीद को श्रद्धांजलि देने छतों पर चढ़ गए लोग; लिपटकर रो पड़े मां और भाई

खगड़िया के शहीद कैप्टन आनंद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए लोग अपनी छतों पर चढ़ गए। मां और भाई पार्थिव शरीर से लिपटकर रो पड़े। पूरे गांव की आंखें नम दिखीं। परबत्ता प्रखंड के अगुवानी गंगा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

कैप्टन आनंद ग्रेनेड विस्फोट में शहीद हो गए थे। आनंद को आर्मी में ऑफिसर बनाने के लिए उनके पिता ने साइकिल तक बेच दी थी। पढ़ाई के लिए सब-कुछ दांव पर लगा दिया था। आनंद बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे।

शिरोमणि गांव में श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भीड़ लग गई।

शिरोमणि गांव में श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भीड़ लग गई।

भागलपुर के टॉपर भी थे

उन्होंने 5 साल की उम्र तक गांव में पढ़ाई की थी। शुरुआती शिक्षा के बाद पिता ने पहले उन्हें भागलपुर में पढ़ाया। फिर बोकारो भेज दिया। पिता मधुकर बताते हैं कि बेटे की पढ़ाई के लिए साइकिल बेचनी पड़ी थी। वो गोलगप्पे पसंद करते थे। वो अपने भाई की पढ़ाई को लेकर कैप्टन कंसर्न थे।

बचपन से ही तेज तर्रार थे आनंद।

बचपन से ही तेज तर्रार थे आनंद।

आनंद ने 2012 में मैट्रिक पास किया। इसमें उन्होंने 95 प्रतिशत अंक हासिल किया। वे भागलपुर के टॉपर थे। जबकि, 2014 में बोकारो से इंटर की परीक्षा में 86 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी से पास किया था।

माता-पिता के साथ कैप्टन आनंद।

माता-पिता के साथ कैप्टन आनंद।

NDA की तैयारी के लिए पिता ने दिल्ली भेजा था

शहीद के पिता ने बताया कि आनंद ने उम्र सीमा से पहले ही NDA की लिखत परीक्षा पास कर लिया था। इस कामयाबी के बाद उन्होंने आनंद को NDA की तैयारी के लिए दिल्ली भेज दिया। वहां आनंद ने परीक्षा पास किया। इंटरव्यू पास कर नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन मिलिट्री एकेडमी में ट्रेनिंग के बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बना।

7 दिसंबर 2019 को उन्हें प्रमोट कर कैप्टन बनाया गया था। आनंद ने हर जगह कामयाबी का मिसाल कायम किया है। वे 20 दिन पहले ही अपने परिवार के लिए बनाए घर के गृह प्रवेश करने गांव आए थे। 10 जुलाई को ड्यूटी के लिए जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर गए थे।

बता दें जम्मू-कश्मीर के मेंढर सेक्टर में ग्रेनेड ब्लास्ट में आनंद शहीद हुए थे। 18 जुलाई को उन्होंने ड्यूटी के दौरान शहादत दी थी। उनकी शादी आगामी 2023 के जनवरी माह में शादी होने वाली थी। जिसको लेकर माता-पिता व भाई सहित परिवार के लोग काफी खुशी थे।गांव के युवाओं ने शहीद कैप्टन के सम्मान में पूरे प्रखंड में बैनर और पोस्टर लगा रखा है। शहीद के परिजन को 11 लाख रुपए का चेक बुधवार को सौंपा जाएगा।

कैप्टन आनंद की अंतिम यात्रा में पूरा गांव तिरंगे के रंग में रंग गया।

कैप्टन आनंद की अंतिम यात्रा में पूरा गांव तिरंगे के रंग में रंग गया।

कौन-कौन रहेंगे मौजूद
शहीद कैप्टन आनन्द का पार्थिव शरीर मंगलवार की दोपहर पटना पहुंचा। इसके बाद दानापुर कैंट में उनके पार्थिव शरीर को रखा गया था। जम्मू कश्मीर के मेंढर सेक्टर से पार्थिव शरीर को खगड़िया के नायगांव शिरोमणी गांव लाया गया। पंचायत राज्य मंत्री सम्राट चौधरी, जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी, डीएम आलोक रंजन घोष, डीडीसी संतोष कुमार, परबत्ता विधायक संजीव कुमार आदि मौजूद थे।

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