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25 जून से प्रभावी:विश्व प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के गर्भगृह में अब नहीं कर पाऐगें तुलसी अर्चना

गया। विष्णुपद मंदिर के गर्भगृह मेंं दशकों से चली आ रही तुलसी अर्चना अब भक्त नहीं कर पाएगें। गर्भगृह में तुलसी अर्चना पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति ने लिया है। यह फैसला तीर्थ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। रोक शनिवार से प्रभावी हो जाएगी। सात माह पूर्व मंदिर में मोबाइल ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है। भक्त अपना मोबाइल मंदिर के बाहर काउंटर पर जमा करते हैं। खास बात यह है कि यह रोक न केवल तीर्थयात्रियों बल्कि स्थानीय भक्तों और गयापाल पंडों के ऊपर भी समान रूप से प्रभावी रहेगा। इनमें से कोई भी गर्भगृह के अंदर विष्णुचरण के ऊपर तुलसी अर्चना नहीं कर सकेंगे।

गर्भ गृह के स्थान पर मंडप में कर सकेंगे तुलसी अर्चना

मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभु लाल बिठ्‌ठल ने बताया कि गर्भगृह के स्थान पर भक्त, तीर्थयात्री व गयापाल सभी के सभी अब सभा मंडप में तुलसी अर्चना कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि भक्त 1100 से लेकर 11 हजार तक तुलसी के पत्र विष्णुचरण में चढ़ाते हैं। इस काम में करीब एक घंटा बीत जाता है। इस दौरान तीर्थयात्रियों को भगवान विष्णु के चरण का दर्शन करना कठिन हो जाता है। ऐसे में मंदिर के गर्भगृह में जबर्दस्त भीड़ हो जाती है। विशेष दिन होने के स्थिति में तो तुलसी अर्चना की वजह से स्थिति और भी कठिन हो जाती है। ऐसे में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर समस्याएं बढ़ जाती हैं। अव्यवस्थाएं भी हावी हो जाती हैं। यही वजह है कि प्रबंधकारिणी समिति को यह निर्णय लेना पड़ा है।

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