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मुजफ्फरपुर में भ्रष्टाचार की सड़क:छह माह के बदले ढाई साल में बना रोड पहली बारिश में ही बह गया

शहर के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि गली होते हुए कलमबाग चौक जाने वाली सड़क मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल सकी। निर्माण पूरा होने के महज दो माह बाद ही बारिश में सड़क का ऊपरी लेयर बह गया। सड़क की गिट्टी उखड़ने लगी है। आमगोला रोड से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी गली में कदम रखते ही गड्ढे बनने लगे हैं। हनुमान मंदिर के पास भी गिट्टी उखड़ रही है। राज्य योजना मद से एक करोड़ रुपए की लागत से इस सड़क का निर्माण छह माह में ही पूरा करना था।

लेकिन, ढाई साल में कंप्लीट हुई। मामला सामने आने के बाद बुडको ने ठेकेदार का भुगतान राेक कर अविलंब मरम्मत करने का अल्टीमेटम दिया है। बुडको अधिकारी का कहना है कि कई वजहों से यह काम बहुत विलंब से पूरा हुम्‍। गिट्टी उखड़ने काे लेकर ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाते हुए एक सप्ताह में दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया गया है। सड़क दुरुस्त हाेने पर ही ठेकेदार को पेमेंट मिलेगा। यह सड़क दाे महत्वपूर्ण इलाके कलमबाग फर म्‍मगाेला काे जाेड़ती है। अघोरिया बाजार में ट्रैफिक जाम की स्थिति में लोग इसी सड़क से होकर सीधे कलमबाग चौक निकलते हैं।

क्लब रोड, मिठनपुरा, हरिसभा इलाके के लोग अघोरिया बाजार चौक के भीषण जाम से बचने के लिए इस राेड से आते-जाते हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग ने एक कराेड़ की लागत से इसका टेंडर किया था। तत्कालीन नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा ने 22 सितंबर 2019 को शिलान्यास किया था। 6 माह में काम पूरा होना था, लेकिन निर्माण पूरा होने में ढाई साल लग गए। काफी मशक्कत के बाद दो माह पहले सड़क का काम पूरा हुआ। लेकिन, पहली बारिश भी सड़क नहीं झेल सकी।

सफाई : ठेकेदार का तर्क- सड़क उखड़ रही है तो मैं नहीं, इसके लिए पब्लिक दोषी, ढलाई के अगले दिन से ही लोग उस पर आने-जाने लगे
इधर, सड़क का निर्माण कराने वाले ठेकेदार सनत कुमार का तर्क है कि ब्रह्माकुमारी गली के पास सड़क की ढलाई 2 साल पहले हुई थी। घर की ढलाई होने पर भी कम से कम 22 दिनाें तक पानी दिया जाता है। लेकिन, इस राेड में बाधा उत्पन्न हुई। ढलाई के अगले दिन से ही लोग आने-जाने लगे। हनुमान मंदिर के पास हाल में ढलाई हुई सड़क से गिट्टी उखड़ने के लिए भी पब्लिक दोषी है। रोड ढालने के बाद नीचे होने की बात कहकर लाेगाें ने ऊपर से ढलाई करा दी। ढालने के साथ ही आवागमन शुरू कर दिया गया।

हो रहा था लेट; नगर आयुक्त की सख्ती के बाद पूरा हुआ काम
सड़क बनने के समय खूब सियासत भी हुई थी। जिस कारण जो काम 6 माह में पूरा होना था, वह 2 साल में भी नहीं बन पाई। इस पर स्थानीय लोग बार-बार शिकायत करने लगे। काम में देरी होने पर जनप्रतिनिधियों ने भी इसको लेकर खूब सियासत चमकाई। स्थानीय पूर्व वार्ड पार्षद सुरभि सिखा के पति संतोष साहेब ने 6 माह का काम 2 साल में पूरा नहीं होने पर तत्कालीन नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा से शिकायत की थी। जिसके बाद पूर्व मंत्री ने अपने आवास पर पार्षद पति व ठेकेदार को बुलाकर पंचायत भी कराई थी। इस बीच नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने मौके पर पहुंचकर मैटेरियल्स जब्त कराने के साथ ठेकेदार काे पेनाल्टी भी लगाई। नगर आयुक्त की सख्ती के बाद सड़क का काम पूरा हो सका।

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