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राजधानी पटना में चो’री की बड़ी वा’रदात: एक ही अपार्टमेंट के 6 फ्लैट को शातिरों ने खंगाला

राजधानी में चोरी की एक बड़ी वारदात हुई है। शातिरों ने एक ही अपार्टमेंट के अलग-अलग ब्लॉक के 6 फ्लैट का लॉक तोड़, उसे पूरी तरह से खंगाल दिया है। इनकी तैयारी 7वें फ्लैट में भी चोरी करने की थी। मगर, उसके पहले ही वहां से फरार हो गए। चोरी की यह बड़ी वारदात पटना के आनंदपुरी इलाके में स्थित होप शिवालिक अपार्टमेंट की है। बड़ी बात यह कि अपार्टमेंट में हुई चोरी की वारदात वहां लगे CCTV में कैद हो गई है। फुटेज खंगालने पर उसमें 5 चोर दिखे। जिन्होंने अपने चेहरे को नकाब लगाकर कवर कर रखा था।

जानिए कौन-कौन से फ्लैट में हुई चोरी

चोरों ने होप सिवालिक अपार्टमेंट के जिन 6 फ्लैट्स में चोरी की, वो सभी पिछले कुछ दिनों से खाली पड़े थे। उन फ्लैट्स में रहने वाले लोग किसी न किसी काम से अपने परिवार के साथ पटना से बाहर गए हुए थे। जिन फ्लैट्स में चोरी हुई उनमें ब्लॉक B में फ्लैट नंबर 307, 406, ब्लॉक C में फ्लैट नंबर 210, 410 और ब्लॉक D में फ्लैट नंबर 113 और 214 शामिल हैं। ब्लॉक D का फ्लैट नंबर 214 बैंक राजन का है। जो पटना से बाहर हैं। वहीं इसी ब्लॉक के फ्लैट नंबर 113 में वंदना भारद्वाज बेटे के मुंडन के लिए अपने गांव गईं हुई हैं। जो बेगूसराय जिले में है।

अपार्टमेंट में रहने वाले दूसरे लोगों के जरिए वारदात की जानकारी केयर टेकर पिंटू वर्मा को हुई। फिर उसने इसकी सूचना एसके पुरी थाना को दी। इसके साथ ही बुद्धा कॉलोनी और शास्त्री नगर थाना की पुलिस भी जांच करने पहुंची।

चोरी हुए फ्लैट में नही था कोई भी आदमी

जिन 6 फ्लैट्स में चोरी हुई वो सभी पूरी तरह से खाली पड़े थे। शायद इस बात की जानकारी शातिरों को बहुत अच्छे से थी। इसीलिए चोरों ने इन्हीं फ्लैट्स को निशाना बनाया। चोरी करने में लिए चोर शनिवार की देर रात 2 बजे के करीब पहुंचे और सुबह 5 बजे तक रहे। करीब 3 घंटे तक वो कैम्पस में घूम-घूम कर चोरी करते रहे। किसी को भी इनकी भनक तक नहीं लगी। इन चोरों के हाथ एक फ्लैट में 500 और 1000 के पुराने नोट मिले। जिसे बेड पर ही चोरों ने छोड़ दिया। आशंका है कि शातिरों ने लाखों की संपत्ति चोरी की है। मगर, इसका सही आकलन फ्लैट में रहने वाले लोगों के वापस आने के बाद ही हो पाएगा। तब पता चलेगा कि किसके फ्लैट से कौन-कौन से कीमती सामानों की चोरी हुई है। सभी फ्लैट्स के लॉक को तोड़ने के लिए कटर का इस्तेमाल हुआ था। जिसे भागने के क्रम में अपराधियों ने कैम्पस में एक पेड़ पर टांग दिया था ।

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