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मधेपुरा में 50 हजार में बच्ची की डील: आशा कार्यकर्ता से खरीदा

मधेपुरा में नवजात की खरीद-बिक्री का मामला सामने आया है। आशा कार्यकर्ता ने गांव की एक महिला को 50 हजार रुपए में बच्ची को बेचने की डील की। बच्ची मिलने के बाद महिला ने 30 हजार रुपए दे दिए। बाकी बचे 20 हजार के लिए आशा महिला पर दबाव बनाने लगी। इससे तंग आकर महिला ने इस बात को गांव में फैला दिया। मामला बिहारीगंज थाना के कुस्थान का है।

बच्ची खरीदने वाली महिला पूनम देवी ने बताया, ‘शादी के 20 साल बाद भी संतान नहीं हुई। इससे वह काफी परेशान रहती थी। उसने गांव की ही आशा कार्यकर्ता निर्मला देवी से बच्चे के लिए मुलाकात की। गांव में पहले से चर्चा है कि निर्मला देवी कई लोगों को बच्चा दे चुकी है।’ महिला ने बताया कि उसने निर्मला को भी एक बच्चा दिला देने को कहा। वो चाहती थी कि बेटी ही मिले। क्योंकि उसने सोचा कि बेटा लेने पर कई तरह का विवाद हो सकता था।

गोद में बच्ची लिए पूनम।

गोद में बच्ची लिए पूनम।

आशा कर रही थी बाकी के 20 हजार की मांग

10 मई मंगलवार को उसे निर्मला देवी ने एक बच्ची दी। इसके बदले में पूनम और उसके पति रुपेश मंडल ने निर्मला को 30 हजार रुपए दिए। इसमें से 10 हजार उसके पास थे और शेष 20 हजार रुपए उसे गाय बेचकर दिए थे। निर्मला अब उससे और 20 हजार रुपए की मांग कर रही है। इसके बाद यह बात गांव के लोग जान गए। पूनम की मानें तो वह कानून नहीं जानती है कि बच्चा कैसे लिया जाता है, लेकिन वह यह भी चाहती है कि अब उससे कोई बच्चा नहीं ले।

गोद में बच्ची लिए पूनम।

गोद में बच्ची लिए पूनम।

आशा कार्यकर्ता के बेटे ने धमकाया

महिला ने बताया कि बात बाहर आ जाने के बाद एक दिन आशा कार्यकर्ता निर्मला देवी का बेटा उसके घर पर आया धमकाने लगा। यही नहीं महिला को डॉ. विनोद के क्लिनिक पर ले गया। जहां उसने कहा कि इस मामले में उसका नाम नहीं आना चाहिए। किसी के पूछने पर वह यह कहे कि उसे कहीं और से बच्चा मिला। पूनम ने कहा कि उन लोगों ने उसका वीडियो भी बना लिया। पूनम देवी के पति रुपेश कुमार मंडल ने बताया कि लखन राम की पत्नी (आशा कार्यकर्ता निर्मला देवी) ने उसे 30 हजार में बच्ची दी है। वे लोग अब और 20 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं।

वहीं इस आरोप के संबंध में आशा कार्यकर्ता निर्मला देवी का कहना है कि उसने पूनम को बच्चा नहीं बेचा है। पूनम के घर में जब बच्चा आया तो आशा कार्यकर्ता होने के कारण वे लोग उसकी एंट्री करने गए थे। उसने बताया कि वह डॉ. विनोद के क्लिनिक पर दाय का काम करती है। उस पर लगाया गया आरोप निराधार है। इस संबंध में बिहारीगंज थाना अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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