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बिना वेतन कब तक पढ़ाएंगे शिक्षक?:शिक्षक संघों ने सरकार से किया सवाल

नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन देने का सवाल विभिन्न शिक्षक संगठनों ने किया है। दो महीने से ज्यादा समय शिक्षकों को ज्वाइन किए हुए हो चुके हैं पर उनके हाथ वेतन नहीं आया है। बता दें कि शिक्षक नियोजन 2019-20 अंतर्गत जिलों से प्राप्त कुल रिक्ति 90,762 के विरुद्ध नियुक्ति की प्रक्रिया के लिए काउंसिलिंग के बाद 42,000 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इन्हें 23 फरवरी 2022 से नियुक्ति पत्र भी दिया जाने लगा। शिक्षा मंत्री ने ये जानकारियां देते हुए कहा था कि नियुक्ति पत्र निर्गत किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थी को विद्यालय में योगदान की तिथि से वेतन आदि देय होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि योगदान के बाद ऐसे अभ्यर्थी, जिनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन पूर्ण हो चुका है, का भुगतान नियमानुसार तत्काल प्रारंभ हो जाएगा और ऐसे अभ्यर्थी जिनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं हो सका है, के वेतन का भुगतान प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद किया जाएगा। प्राथमिक शिक्षा के निदेशक ने अप्रैल माह में वेतन देने से जुड़ा पत्र भी जारी किया था।

बिहार बोर्ड को चाहिए सर्टिफिकेट जांच के लिए रुपए

अब नया पेंच सर्टिफिकेट की जांच को लेकर भी सामने आने लगा है। शिक्षक नियोजन प्रक्रिया में चयनित शिक्षकों के सर्टिफिकेट जांच को लेकर बिहार बोर्ड की ओर से जारी सर्टिफिकेट की जांच के लिए 100-100 रुपए की डिमांड की जा रही है। इसको लेकर जिला शिक्षा विभाग के पास कोई जवाब नहीं दिख रहा है। नियोजन प्रक्रिया में सर्टिफिकेट जांच के लिए कोई बजट निर्धारित नहीं है इसलिए जिला स्तर पर इससे जुड़ा फैसला नहीं हो पा रहा है। बुधवार को मुजफ्फरपुर में इससे जुड़ी बैठक में वहां के बीईओ ने यह समस्या उठायी।

जांच में देर हो रही तो एफिडेविट लेकर वेतन दे सरकार- राजेन्द्र सिंह

बिहार संघर्षशील शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन होगा तभी वेतन दिया जाएगा। लेकिन बिहार बोर्ड, जिला के शिक्षा विभाग से वेरिफिकेशन के लिए खर्च मांग रहा है। अब जिलों के डीईओ ने खर्च का ब्योरा शिक्षा विभाग को भेजा है। दूसरे राज्य वाले भी सर्टिफिकेट की जांच के लिए राशि की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों को इस महंगाई में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि जांच में देर हो रही है तो एफिडेविट लेकर शिक्षकों का वेतन जारी करना चाहिए। राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने यह भी कहा कि नवनियुक्त शिक्षकों को ट्रांसफर का अवसर भी सरकार को देना चाहिए।

क्या अब वेतन के लिए भी आंदोलन करना पडे़गा- अश्विनी पांडेय

टीईटी- एसटीईटी उतीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने कहा कि नवनियुक्त शिक्षकों ने तीन-चार साल संघर्ष करने, धरना-प्रदर्शन के बाद नौकरी हासिल की है। अब लगता है कि वेतन के लिए भी इन्हें आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार सर्टिफिकेट की जांच करे लेकिन जब इसमें कई महीने लग रहे हैं तो आखिर यह भी बताए कि वेतन कब से मिलेगा?

शिक्षकों का मास्टर डेटा जल्द से जल्द बनाएं और वेतन दे सरकार- अमित विक्रम

टीईटी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित विक्रम ने कहा कि सरकार का आदेश था कि सर्टिफिकेट के सत्यापन के बाद ही वेतन दिया जाएगा। लेकिन कर्ज लेकर तीन माह से शिक्षकों को स्कूल आना-जाना पड़ रहा है। यह सरकार का संवेदनहीन रवैया है। सरकार को शिक्षकों का मास्टर डेटा जल्द से जल्द तैयार करना चाहिए और वेतन शुरू करना चाहिए। इस महंगाई में बिना वेतन के तीन माह से काम करना कितना कठिन है कोई भी समझ सकता है।

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