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बिहार : हो जाएं सावधान, अस्पतालों में कोरोना का अलर्ट

कोरोना की दूसरी लहर में सबसे अधिक संक्रमण का दंश झेलने वाले इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान IGIMS में अब चौथी लहर को लेकर अलर्ट हो गया है। कोरोना से बचाव को लेकर तैयारी की जा रही है। इसके लिए मेडिकल स्टाफ के साथ वहां काम करने वाले सभी कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके साथ ही कोरोना की नई गाइडलाइन पर भी मंथन किया जा रहा है। संस्थान में डॉक्टर और स्टाफ के साथ अन्य लोगों को संक्रमण से बचाने को लेकर तैयारी की जा रही है। संस्थान के मेडिकल सुपरिनटैंडैंट का कहना है कि कोरोना से बचाव को प्रशिक्षण का काम चालू कर दिया है।, क्योंकि देश में मामला तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बिहार में भी खतरा बढ़ रहा है।

ICMR ने किया डॉक्टरों को प्रशिक्षित

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों को बुधवार को ICMR की तरफ से प्रशिक्षित किया गया। डॉक्टर रोली माथुर ने डॉक्टरों को कोरोना के खतरे को लेकर अलर्ट किया और कहा कि डॉक्टर को पूरी तरह से अलर्ट होना होगा। कोरोना काल में सबसे बड़ी चुनौती डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को सुरक्षित रखाना है। हेल्थ वर्करों काे अगर बचा लिया जाए तो मरीजों को काफी राहत हो जाएगी। इस दौरान संदिग्ध मरीजों की जांच के साथ मॉनिटरिंग पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही संक्रमण से बचाव को लेकर बड़ी तैयारी किए जाने की बात कहीं गई है।

डॉक्टरों को सुरक्षित करने को लेकर प्लान

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में संक्रमण से बचाव को लेकर हुए प्रशिक्षण में डॉ मनीष मंडल, डॉ वीएम दयाल, डॉ अमन कुमार, डॉ एस के सुमन, डॉ पीके झा, इसके साथ ही ऑनलाइन शामिल हुए एनएमसीएच के डॉ संजीव कुमार, डॉ रानी इंद्रा सिन्हा, डॉ विलास कुमार, डॉ विक्टर अलफांस और डॉ. मनमीत कुमार ने कोरोना से बचाव को लेकर अपनी राय दी। कोरोना संक्रमण और संक्रमित को लेकर दिए प्रशिक्षण में पूरी तरह से अलर्ट किया जा रहा है। आईजीआईएमएस इंस्टीट्यूशनल एथिक्स (आईईसी) समिति के प्रशिक्षण में कोरोना को लेकर काफी मंथन किया गया है। डॉक्टरों को उभरते कोविड की स्थिति और आईईसी के लिए नए दिशा निर्देशों से अपडेट किया गया है। डॉक्टर मनीष मंडल का कहना है कि कोरोना को लेकर पूरी तैयारी है। आईसीएमआर की डॉ. रोली माथुर ने सदस्यों और आईईसी के अध्यक्ष को प्रशिक्षित करने के लिए व्याख्यान दिया है।

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