BIHARBreaking NewsSTATE

‘मां को मार खाने से बचाने के लिए शराबबंदी जरूरी…’

पटना की 9 साल की कुमकुम शरा’बबंदी से बहुत खुश है। श’राब का न’शा हर दिन उसके घर कहर बनकर टू’टता था। मां शरा’ब का पैसा नहीं देने के लिए भी मारी जाती थी और जब श’राब का नशा चढ़ता था तो भी पि’टाई होती थी। ऐसा कोई दिन नहीं होता था जब शरा’ब के लिए घर में कलह नहीं होती हो। बच्चों से लेकर बड़े तक सब समझाते थे, लेकिन शराब के आदी हो चुके उसके पिता विनोद पर कोई असर नहीं पड़ता था। शरा’बबंदी के बाद अचानक से उसके घर में शांति आ गई,अब घर से शरा’ब आउट हुई तो खुशी लौट आई है। कुमकुम की तरह राज्य के लाखों मासूम हैं, जिनके घर कभी श’राब कहर बनती थी, लेकिन अब खुशहाली है।

मजदूर वर्ग में श'”राब की लत

मजदूर वर्ग में श’राब की लत अधिक होती है। इस कारण से बच्चों से बात करने के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालय दुजरा को चुना, जहां गरीब परिवार के बच्चे पढ़ाई करते हैं। यह स्कूल भी श’राब को लेकर इसलिए खास है, क्योंकि यहां शराबबंदी को लेकर हर दिन अलग से पाठ पढ़ाया जाता है।

क्लास 3 की छात्रा नेहा कुमारी अपने नाना के बारे में बताते हुए।

क्लास 3 की छात्रा नेहा कुमारी अपने नाना के बारे में बताते हुए।

प्रधानाध्यापक बालकेश्वर साव की पहल पर यहां हर क्लास के बच्चों को शराब और शराबबंदी के बारे में बताया जाता है। बच्चों को शराबबंदी के लिए ऐसे तैयार किया जाता है कि वह घर वालों से लेकर समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों को इससे होने वाले नुकसान को बता सकें। प्राथमिक स्कूल के सभी क्लास में टीचर हर दिन शराबबंदी को लेकर जागरूक करते हैं और उन्हीं से घर और आसपास का फीडबैक भी लेते हैं।

जानिए, बच्चों ने शराब को लेकर क्या कहा

क्लास 2 की कुमकुम ने बताया, ‘पहले मां की हर दिन पिटाई होती थी, लेकिन अब पापा ने शराब छोड़ दिया है जिससे घर में खुशहाली है। पैसे को लेकर लड़ाई भी नहीं होती है।’ राधिका का कहना है, ‘पिता गुड्‌डू पहले दारू पीकर मम्मी को मारते थे। पूरा पैसा दारू में खर्च कर देते थे। अब शराब नहीं पीते हैं तो पैसा मम्मी को देते हैं।’

क्लास 5 के रवि का कहना है, ‘मामा शराब पीकर आते थे और मामी से लड़ाई झगड़ा करते थे, लेकिन अब वह पूरी तरह से शांत हैं। लड़ाई झगड़ा नहीं करते हैं।’ संजीव का कहना है, ‘मौसा पहले रोज पीकर आते थे और मारपीट करते थे। पूरा घर परेशान था, लेकिन अब शराब छोड़ दिए हैं तो पूरा घर शांत है।’

शराब के लिए अभी भी होती है मारपीट

कुछ बच्चों ने बताया, ‘शराबबंदी है, लेकिन अभी भी चोरी छिपे शराब मिल रही है। इससे घर में कलह हो रहा है। शराब पूरी तरह से बंद होनी चाहिए। जिससे घर में शांति और खुशहाली हो।’ रोहित का कहना है, ‘पापा अभी भी शराब पीते हैं। डेली नहीं, कभी-कभी पीकर आते हैं तो मारपीट करते हैं। पैसे के लिए भी मम्मी से लड़ाई झगड़ा करते हैं।’

अंजली का कहना है, ‘पापा शराब पीते हैं। हर दिन नहीं पीते हैं, लेकिन जब पीकर आते हैं तो मम्मी को बहुत मारते हैं।’ क्लास एक की मिष्ठी का कहना है, ‘नाना भी शराब पीकर घर वालों से मा’रपी’ट करते हैं।’ क्लास 3 की नेहा बताती हैं, ‘नाना अभी भी शराब पीते हैं और घर वालों को गाली देते हैं। समझाने के बाद भी शराब नहीं छोड़ रहे हैं।’

अंजली कुमारी का कहना है, ‘पापा पीकर आते हैं तो मैं बहुत समझाती हूं, लेकिन मानते ही नहीं हैं।’ हेड मास्टर बालकेश्वर साव का कहना है, ‘बच्चों को शराब के खिलाफ एक हथियार की तरह तैयार कर रहे हैं। जिससे उनके घर और आसपास के लोगों को जागरूक किया जा सके।’

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.