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सीतमाढ़ी में 21 साल का युवक बना मुखिया

सीतामढ़ी के बाजपट्टी प्रखंड के बाजपट्टी पंचायत से 21 साल का युवक चुनाव जीत मुखिया बना है। इतनी कम उम्र में मुखिया बना अनुज कुमार सुर्खियों में हैं। वहीं, इस पंचायत में एक ही परिवार के सदस्य 15 साल से लगातार मुखिया बन रहे थे। पिछले 15 सालों से लगातार मुखिया रहे बिजेंद्र मुखिया के परिवार को अनुज ने मात दिया है। बिजेंद्र मुखिया के नाम से नामचीन प्रसिद्ध व्यक्ति किसी भी चुनाव में उम्मीदवार नहीं बना। लेकिन अपनी पत्नी फिर मां और पिता को मुखिया बना चुका है। इसबार बेटे को मुखिया बनाने की लालसा थी। लेकिन बेटा अंबरीश हार गया।

15 साल से जीत रहे परिवार को हराया
दरअसल बिजेंद्र मुखिया एक हत्याकांड में सजायफ्ती है। इस वजह से वह खुद चुनाव नही लड़ सकते है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले विधान सभा चुनाव में एनडीए गठबंधन से अपनी पत्नी को बाजपट्टी से चुनाव मैदान में खड़ा किया था। जिसमें बहुमत नहीं मिलने से वो चुनाव हार गई। फिर इसबार विधानसभा के चुनाव में भी उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से चुनाव लड़ी और तीसरे स्थान पर रही। मुखिया कुर्सी न जाए इसके लिए इस बार बिजेंद्र ने बेटे को चुनावी मैदान में उतारा। इस चुनाव में उसके बेटे अंबरीश को हराकर 21 वर्ष के अनुज कुमार पूरे प्रखंड में सुर्खियां बटोर रहा है।

इससे पूर्व उपविजेता अंबरीश की मां रेखा देवी, फिर दादी निर्मला देवी और वर्तमान में उसके दादा हरिशंकर प्रसाद मुखिया थे। अनुज ने 15 सालों से पंचायत में राज कर रहे एक ही परिवार के सदस्यों को मात दिया है।

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