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फाइलेरिया मुक्त अभियान को लेकर एमएमडीपी प्रशिक्षण का आयोजन

फाइलेरिया मुक्त अभियान को लेकर एमएमडीपी प्रशिक्षण का आयोजन

–  20 सितम्बर से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम शुरू होगा : भीभीडी कंसल्टेंट अभिषेक कुमार 
-फाइलेरिया रोगियों के बीच प्रशिक्षण के साथ एमएमडीपी किट का हो रहा है वितरण

मोतिहारी, 15 सितम्बर। जिले को फाइलेरिया से मुक्त करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर जिले में  फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में रोगियों के बीच प्रशिक्षण के साथ एमएमडीपी किट का वितरण किया जा रहा है। भीभीडी कंसल्टेंट अभिषेक कुमार ने  बताया कि मोतिहारी के ग्रामीण क्षेत्र बासमनपुर के पंचायत भवन में फाइलेरिया रोग का लक्षण, उपचार एवं बचाव के बारे में लोगों व मरीजों को विस्तृत रूप से चर्चा कर जागरूक किया गया । उन्होंने बताया कि आगामी 20 सितम्बर से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम शुरू किया जाएगा । जिसमें लोगों को फाइलेरिया की दवा आशा कार्यकर्ताओं व अन्य सहयोगी स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से मुफ्त खाने को दी जाएगी।
बच्चों व अन्य लाभार्थियों को 20 सितंबर से फाइलेरिया से बचाव को दवा खिलाई जाएगी।


जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ शरद चन्द्र शर्मा ने बताया कि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए 20 सितंबर से अभियान चलाकर जिले के बच्चों व अन्य लाभार्थियों को फाइलेरिया से बचाव को आशा कार्यकर्ताओं, केयर इंडिया, व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से उनके सामने दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले को 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 800 फाइलेरिया रोधी दवाएं डीईसी 400 मि ग्राम के हिसाब से एवं अल्बेंडाजोल की 59लाख 3 हजार 600 10 गोली 100 मि ग्राम के हिसाब से प्राप्त हुई है। जिसे सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध कराया जा रहा है। डॉ शरद चंद्र शर्मा ने बताया कि दवा के सेवन के उपरांत कुछ लोगों को अनुषंगी प्रभाव जैसे पेट दर्द उल्टी बुखार चक्कर इत्यादि होने की संभावना है परंतु इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह सामान्य लक्षण है अगर किसी को किसी प्रकार की विशेष तकलीफ या दिक्कत होती है तो वैसे लोग जाकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की सलाह से अपनी स्वास्थ्य जांच करा सकते हैं ।


आशा घर-घर जाकर 2 साल से अधिक उम्र के लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी-
भीभीडी कंसल्टेंट अभिषेक ने बताया इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा घर-घर जाकर 2 साल से अधिक उम्र के लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर रोग है जिसे फाइलेरिया की दवा सेवन से ही बचा जा सकता है। कभी-कभी फाइलेरिया के परजीवी शरीर में होने के बाद भी इसके लक्षण सामने आने में वर्षों लग जाता है। इसलिए फाइलेरिया की दवा का सेवन सभी लोगों के लिए लाभप्रद है। उन्होंने बताया लोग खाली पेट दवा का सेवन नहीं करें। उन्होंने बताया 2 साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रोग से ग्रसित एवं गर्भवती महिला को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी।   

ऐसे खानी है दवा : इस अभियान में डीईसी एवं  अलबेंडाजोल की गोलियाँ लोगों की दी जाएगी। 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली एवं  अलबेंडाजोल की एक गोली, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो गोली एवं  अलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष से अधिक लोगों को डीईसी की तीन गोली एवं  अलबेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। अलबेंडाजोल का सेवन चबाकर किया जाना है। प्रशिक्षण के मौके पर भीभीडी कंसल्टेंट अभिषेक कुमार ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के विनोद कुमार,केयर इंडिया प्रतिनिधि पप्पू कुमार, हेल्थ एडुकेटर , समेत कई स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहें ।
फाइलेरिया के लक्षण :
फाइलेरिया को हाथीपाँव रोग के नाम से भी जाना जाता है। जिसमें बुखार का आना, शरीर पर लाल धब्बे या दाग का होना एवं शरीर के अंगों में सूजन का आना फाइलेरिया की शुरूआती लक्ष्ण होते हैं। यह क्यूलेक्स नामक  मच्छर के काटने से फैलता है।

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