आशीर्वाद यात्रा पर निकले सांसद चिराग पासवान ने बिहार में मध्यावधि चुनाव का दावा ठोका है। कहा कि वर्तमान में जो स्थितियां बन रही है। उससे मध्यावधि चुनाव का उनका दावा पुख्ता हो रहा है। चिराग आज आशीर्वाद यात्रा पर निकले थे। हाजीपुर, भगवानपुर, गोरौल, फाकुली, तुर्की और रामदयालु होते हुए मुजफ्फरपुर स्थित सर्किट हाउस पहुंचे। यहां मीडिया से खुलकर अपनी बात की। कहा कि आशीर्वाद यात्रा पर निकला हूं। जो संकल्प मेरे पिताजी ने मुझे दिया था, बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट का उसे पूरा करूंगा। लोगों का जनसैलाब देखकर काफी खुश हूं। चिराग ने युवाओं महिलाओं की भी सराहना की।
BJP से अलग बोल बोल रही JDU
चिराग ने कहा कि बिहार में BJP के साथ मिलकर JDU की सरकार बनी हुई है। लेकिन, वर्तमान स्थिति कुछ और कहती है। BJP के नेता और JDU नेताओं के सुर अलग-अलग हैं। केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना को खारिज कर दिया। जबकि, नीतीश सरकार इसके लिए बार-बार आवाज़ उठा रही है। पेगासस जांच को लेकर भी JDU के बोल अलग-थलग हैं। इससे स्पष्ट है कि सम्बन्ध बेहतर नहीं है और ये मध्यावधि चुनाव की आस जगा रही है।

बिहार में अपराध और चरम पर, बिना घुस दिए नहीं होता काम
चिराग ने नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। कहा कि 15 साल से सरकार में हैं। लेकिन, आज बिहार की जो स्थिति है वह किसी से छुपी नहीं है। हर दिन हत्या, लूटमार हो रही है। भष्ट्राचार का आलम यह है कि कोई भी छोटा या बड़ा काम बिना घूस दिए नहीं होता है। लेकिन, ये सब नीतीश कुमार को नहीं दिखता है। चिराग ने कहा कि नीतीश कुमार हवामहल में बैठे हैं या यूं कहें कि उनके चारों तरफ ऐसा माहौल बना दिया गया है कि उन्हें कुछ नही दिखता है। आज बिहार में शराबबंदी कानून की जो हालत है वो किससे छुपा हुआ है। नाम का शराबबंदी है। कहाँ नहीं शराब मिलता है। सब जानते हैं कि हर जगह शराब मिलती है। बस नीतीश कुमार जी को नहीं दिखता है।

मध्यावधि चुनाव का नोटिफिकेशन आने पर तय करेंगे कि किसके साथ लड़ेंगे
चिराग से जब पूछा गया कि मध्यावधि चुनाव अकेले लड़ेंगे या महागठबंधन के साथ। तो इसपर उन्होंने कहा कि जब चुनाव का नोटिफिकेशन आ जायेगा तब ये तय करेंगे की चुनाव अकेले लड़ेंगे या महागठबंधन के साथ। चिराग ने कहा कि बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री भी जिम्मेवार है। क्योंकि वे सिर्फ मुख्यमन्त्री नहीं है, राज्य के गृह मंत्री भी हैं। कटिहार में जिस तरह से सिटिंग मेयर की हत्या कर दी गयी। यह दर्शाता है अपराध किस चरम तक पहुंच चुका है।
हर साल आता है बाढ़, तटबंध बनाने के नाम पर होती है लूट
चिराग ने कहा कि भ्र्ष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण राज्य में हर साल आने वाला बाढ़ है। हर साल तटबंध बनाने के नाम पर रुपये की लूट और बंदरबांट होता है। ये कैसे तटबंध बनाते हैं कि हर साल एक नया बनाना पड़ता है। चिराग ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री की सात निश्चय योजना भ्र्ष्टाचार का सबसे बड़ा रूप है। आप हर घर, वार्ड पंचायत में जाकर देख लें। क्या स्थिति है इस योजना की। किस तरह लूट मची हुई है। कहीं पानी टँकी गिर रहा है तो कहीं नल जल योजना भ्र्ष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस योजना की जांच होगी तो सच्चाई सबके सामने आएगी।
अपनों ने ही पीठ में खंजर घोंपा तो दूसरे को क्या कहेंगे
पार्टी और परिवार में आई दरार और उन्हें दरकिनार करने का सवाल पूछने ओर उन्होंने चाचा पशुपति पारस पर निशाना साधा। कहा कि हमे तो अपनो ने ही धोखा दिया। पीठ में खंजर घोंपने का काम किया है तो दूसरों से क्या शिकवा शिकायत करेंगे। अंत मे चिराग ने कहा कि कानूनी रूप से लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वे ही हैं। ये पार्टी उनके पिता ने दिन रात एक सींचा था। अब वे इसे आगे ले जाएंगे




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