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मुजफ्फरपुर : पुरवा हवा से बढ़ सकता लीची फल में फल भेदक कीट, बढ़ी किसानों की चिंता

पुरबा हवा चलने से लीची के फलों में फल भेदक कीट का प्रकोप बढ़ सकता है। इसलिए फलों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ.शेषधर पांडेय ने आने वाले एक सप्ताह के भीतर लीची बागानों में कुछ कार्य सुनिश्चित करने के लिए किसानों को सलाह दी है। निदेशक ने बताया कि विशेष जानकारी के लिए किसान भाई राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुशहरी में दूरभाष से संपर्क करके लीची से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। केंद्र द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि जिन किसान भाइयों ने ये छिड़काव नहीं किया है वे इसे करें।

– फल भेदक कीट से नियंत्रण के लिए नोवाल्यूरान 10 ईसी (1.5 मिली/लीटर) या इमामेक्टिन बेंजोएट पांच फीसद एसजी (0.8 ग्राम/लीटर पानी) या लेंडा-सायहेलोथरिन पांच फीसद ईसी (1.0 मिली/लीटर पानी) या थियाक्लोप्रिड (0.5 मिली/लीटर) के साथ लेंडासाइलोथरिन (0.5 मिली/लीटर) कीटनाशक का घोल बनाकर छिड़काव करें। प्रभावी नियंत्रण के लिए घोल में स्टीकर (0.4 मिली/लीटर) या सर्फ पाउडर (1 चम्मच/15 लीटर) की दर से प्रयोग करें।

– फलों को फटने से बचाने के लिए बोरेक्स चार ग्राम प्रतिलीटर पानी के घोल का छिड़काव करें।

– बगीचे की नियमित सिंचाई करते रहें, जिससे पर्याप्त नमी बनी रहे।  

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